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सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, यह केवल कठिन मेहनत से मिलती है।
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[21/09, 5:39 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी छात्रों के आंदोलन के बीच एक छात्र की मौत, साथियों में गहरा आक्रोश
पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने राष्ट्रपति को मांगों से संबंधित लिखी चिट्ठी
जागरण संवाददाता,प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर देने की मांग रहे प्रतियोगियों का धरना पत्थर गिरजाघर पर रविवार को भी जारी रहा। आंदोलन 16वें दिन रविवार को भी जारी रहा। वहीं शनिवार रात आंदोलन से जुड़े एक छात्र की मौत हो गई। इससे छात्रों में आक्रोश है। आंदोलन का हिस्सा रहे प्रतियोगी छात्र जौनपुर निवासी विजय बहादुर की शनिवार रात मौत हो गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका इलाज डॉ. कार्तिकेय के यहां चल रहा था। इस घटना से आंदोलनरत छात्रों में नाराजगी और दुख है। सभी ने शोकसभा कर श्रद्धांजलि दी।प्रतियोगियों ने सवाल उठाया कि क्या इसी तरह छात्र अपनी जिंदगी और भविष्य की लड़ाई लड़ते हुए दम तोड़ते रहेंगे। आशुतोष पांडेय ने कहा, सरकार और प्रशासन को यह समझना होगा कि एक अवसर की मांग छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। क्या छात्रों को पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर देना उनकी जिंदगी से भी बड़ा मुद्दा हो गया है?उधर, पुरानी नियमावली को लेकर युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। कहा है कि 16 सितंबर 2025 को नियमावली में किए गए बदलाव के बाद भर्ती की पात्रता एवं परीक्षा के प्रारूप में परिवर्तनों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने सवाल खड़े हुए हैं। अभ्यर्थियों को पुरानी नियमावली के आधार पर अवसर दिया जाए। नई व्यवस्था में प्रवक्ता पद के लिए बीएड सहित विभिन्न पात्रता शर्तों में बदलाव से ऐसे अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें पूर्व व्यवस्था में अवसर मिलता रहा है।सहायक अध्यापक पदों की विषयवार अर्हताओं में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया है। कहा कि हिंदी, प्राविधिक कला, संगीत, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान और अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों में पात्रता संबंधी बदलावों पर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस है। हिंदी विषय में इंटरमीडिएट स्तर पर संस्कृत की अनिवार्यता को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
जौनपुर के सुजानगंज निवासी विजय कुमार की मृत्यु का भी उल्लेख करते हुए कहा, वह 2016 से अंग्रेजी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे थे। परीक्षा संबंधी मानसिक दबाव के बीच उनकी तबीयत बिगड़ी और मृत्यु हो गई।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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यूपी में अब हर जिले के कॉलेज-अस्पतालों की खाली जमीन पर बनेंगे स्थाई हेलीपैड, सरकारी आदेश जारी
कॉलेज, अस्पताल की खाली जमीन पर बनेंगे हेलीपैड
भूमि उपलब्धता की समस्या दूर करने को लिया गया निर्णय
वीवीआईपी आवागमन, आपदा राहत में होंगे सहायक
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में सभी जिला, तहसील और ब्लाक मुख्यालयों के आसपास स्थाई हेलीपैड बनाए जाएंगे। योजना में मानक के मुताबिक भूमि मिलने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए शासन ने अब इंटर और डिग्री कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, सरकारी अस्पतालों और अन्य संस्थानों की रिक्त पड़ी भूमि का उपयोग करने का निर्णय लिया है।जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन संस्थानों के अधिकारियों व प्रबंधन से बातचीत कर स्थाई हेलीपैड बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजें। जहां भी भूमि उपलब्ध होगी लोक निर्माण विभाग वहां स्थाई हेलीपैड का निर्माण करेगा।
हेलीपैड बनाने के लिए बातचीत प्रस्ताव होगा तैयार
पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे स्थाई हेलीपैड के लिए भूमि जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। जिन ब्लाकों अथवा तहसीलों में भूमि मिलने में कठिनाई हो रही है, वहां कालेजों, अस्पतालों तथा ऐसे अन्य संस्थानों की रिक्त भूमि पर स्थाई हेलीपैड बनाने के लिए बातचीत कर प्रस्ताव तैयार करें।प्रमुख सचिव के अनुसार, जिन 118 नए हेलीपैड के लिए भूमि मिल गई है, वहां स्थाई हेलीपैड का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। इन 118 हेलीपैडों के बनाने पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने नए तहसील और ब्लाक मुख्यालय भवन के साथ ही नए सर्किट हाउस निर्माण में स्थाई हेलीपैड बनाने की व्यवस्था भी की है।पीडब्ल्यूडी ने चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 736 नए हेलीपैड बनाने और 17 पुराने हेलीपैडों की मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक कुल 118 स्थानों पर ही हेलीपैड बनाने के लिए भूमि मिली है। सभी 736 हेलीपैड बन जाने पर प्रदेश में हर 20 किलोमीटर पर एक हेलीपैड होगा, जो वीवीआइपी भ्रमण और आपदा के समय राहत पहुंचाने में सहायक होगा। किराया देकर अन्य लोग भी इस हेलीपैड का उपयोग कर सकेंगे।प्रत्येक हेलीपैड के लिए 100 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई की भूमि की आवश्यकता है। इसके साथ ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के मानकों के अनुसार हेलीपैड से पूर्व और पश्चिम की दिशा में 250 मीटर तक कोई ऊंचा अवरोध नहीं होना चाहिए।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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परीक्षा में नव साक्षरों से पूछा- क्या कूड़ा इकट्ठा करना सरकार का दायित्व है?
महिला शरणालय-कारागार में भी जुटे परीक्षार्थी
689 केंद्रों पर हुई मूलभूत साक्षरता व संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा
जनपद के 5,237 अभ्यर्थी हुए शामिल, सभी 15 वर्ष से अधिक आयु के
जागरण संवाददाता,प्रयागराज। उल्लास ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत मूलभूत साक्षरता व संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा रविवार को हुई। सभी विकासखंडों में कुल 689 केंद्र बनाए गए। महिला शरणालय और कारागार में भी यह परीक्षा कराई गई।
परीक्षा का उद्देश्य क्या था?
जनपद के 5,237 (15 वर्ष से अधिक आयु) लोग शामिल हुए। इसका उद्देश्य असाक्षरों में विकसित मूलभूत साक्षरता व संख्यात्मकता संबंधी दक्षता का आकलन करते हुए साक्षरता की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। परीक्षार्थियों को कुल 21 प्रश्नों के उत्तर तीन घंटे में देने थे। इनमें पढ़ने लिखने और गणित की क्षमता को जांच गया। प्रत्येक खंड 50 अंक का रहा। अंकित चित्र के साथ उनके नाम लिखे गए थे, उनका मिलान करने के साथ दो आधे वाक्य को जोड़ते हुए एक सही वाक्य बनाने के लिए कहा गया।
ये रोचक प्रश्न भी पूछे गए
पूछा गया कि टंकियों और कूलर को नियमित रूप से साफ करना चाहिए या नहीं। मलेरिया और डेंगू से फैलने वाली बीमारी क्या है? मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए या नहीं? सरकार कचरे का निपटारा करने के बारे में चिंतित है या नहीं, सूखे और गीले कूड़े को अलग रखना चाहिए या नहीं। यह भी पूछा गया कि क्या कूड़ा इकट्ठा करना सरकार का दायित्व है? लेखन क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए रिक्त स्थान भरना, दिए गए शब्द का प्रयोग कर वाक्य बनाने जैसे प्रश्न शामिल रहे।
बीएसए ने भी परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया
गणित खंड में जोड़ने, घटाने आदि की व्यावहारिक क्षमता परखी गई। परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सभी विकासखंड में बीईओ नोडल अधिकारी नामित किये गए थे। पर्यवेक्षण में परीक्षा केंद्रों पर एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) को लगाया गया। बीएसए ने भी परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। गंगापार व यमुनापार क्षेत्र में परीक्षा के प्रभावी अनुश्रवण एवं समन्वय के लिए अलग अलग नोडल सक्रिय रहे।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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इलाहाबाद हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश, पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को मिलेगा फोरेंसिक विज्ञान का प्रशिक्षण
क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में तकनीकी सुधारों को लेकर कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया
NIC के डिप्टी DG व यूपी के ADG (टेक्निकल) वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट के सामने पेश हुए
विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने आतिश उर्फ कृष्णकांत की याचिका पर क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में तकनीकी सुधारों को लेकर यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है।
अधिकारियों ने कोर्ट को जानकारी दी
सुनवाई के दौरान एनआइसी नई दिल्ली के डिप्टी डायरेक्टर जनरल शशिकांत शर्मा और यूपी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (टेक्निकल) वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश हुए। उन्होंने बताया कि चार्जशीट के सर्किल आफिसर द्वारा सत्यापन का विकल्प जोड़ा गया है। मेडलीएपीआर और ई-फारेंसिक लैब रिपोर्ट तक पहुंच पर काम जारी है। पोस्टमार्टम, यौन उत्पीड़न व चोट रिपोर्ट अब सीसीटीएनएस के जरिए पुलिस को सीधे उपलब्ध हैं
कोर्ट का निर्देश
कोर्ट ने तिलहर थाना में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू पुलिस केस डायरी तक न्यायालय की पूरी पहुंच वाली व्यवस्था को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की निर्देश दिया। फोरेंसिक विज्ञान की जानकारी की कमी के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा कि इससे सरकारी वकील मामलों में उचित सहयोग नहीं कर पाते।
कोर्ट ने इनकी सराहना की
कोर्ट ने प्रयागराज के तत्कालीन पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार और बुलंदशहर के जिला जज व एसपी की सराहना की, जिन्होंने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सहयोग से फोरेंसिक विज्ञान पर कौशल विकास कार्यशालाएं आयोजित की।
यूपी के प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय व डीजीपी को निर्देश
कोर्ट ने यूपी के प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय और डीजीपी को निर्देश दिया कि वे राज्य के सभी सरकारी वकीलों और पुलिस अधिकारियों के लिए नियमित रूप से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें, और जिला न्यायाधीशों को भी अपने-अपने जिलों में न्यायिक अधिकारियों के लिए ऐसी कार्यशालाएं कराने को कहा था। अधिकांश निर्देशों का पालन हो जाने के कारण कोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को इस मामले का अंतिम निस्तारण कर दिया।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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हर सप्ताह बड़ा भर्ती आयोजन होगा:योगी
मुख्यमंत्री ने लोक भवन में 912 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र
लखनऊ, विशेष संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर सप्ताह बड़ा भर्ती इवेंट कर छह माह में एक लाख सरकारी नौकरियां देंगे। जो कर नहीं पाए, वे हमेशा बोलेंगे। जिन्होंने अकर्मण्यता और अक्षमता से यूपी को बीमारू बनाया, उनकी करतूतें सभी ने देखी हैं। ऐसे लोगों को यूपी पुलिस या प्रदेश की व्यवस्था पर बोलने का अधिकार नहीं है। विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी। रविवार को 912 को दिए जा रहे हैं, शनिवार को 818 को दिए थे। 22 सितंबर को फिर नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे।मुख्यमंत्री ने रविवार को लोक भवन में यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के नियुक्ति पत्र बांटे। इसमें पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थी हैं। मुख्यमंत्री ने सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब किसी योग्य अभ्यर्थी का चयन शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा से होता है तो उसके परिवार के लिए उपलब्धि नहीं, बल्कि शासन के प्रति आम आदमी के विश्वास का भी प्रतीक बनता है। साल 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों से नौजवानों में निराशा और हताशा थी। भाई-भतीजावाद ने पूरे सिस्टम को इस तरह जकड़ रखा था।उन्होंने कहा कि भर्ती का विज्ञापन आते ही युवाओं के मन में यह भाव आता था कि बिना सिफारिश और लेनदेन के चयन नहीं हो पाएगा। आरोप लगाया कि यूपी पुलिस में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को मिलता था। यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सुधार किए गए। पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव किए गए। समूह ‘ग’ और ‘घ’ की भर्ती से साक्षात्कार समाप्त किया गया। अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण और जिलों में तैनाती तक किसी अभ्यर्थी को सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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नीट में पहले चरण का प्रवेश बरकरार
चॉइस फिलिंग में दिक्कत से बाद में स्थगित हुई थी
लखनऊ, विशेष संवाददाता। यूपी नीट यूजी-2026 की पहले चरण की काउंसिलिंग में हिस्सा ले चुके अभ्यर्थियों को योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है। जो अभ्यर्थी पहले चरण की काउंसिलिंग में प्रवेश ले चुके थे, उनका एडमिशन बरकरार रहेगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सात सितंबर को हुई काउंसिलिंग इसके पहले रद्द कर दी थी।यूपी नीट यूजी-2026 की दूसरे चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग का संशोधित कार्यक्रम रविवार को जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय उत्तर प्रदेश की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य के राजकीय व निजी क्षेत्र के मेडिकल व डेंटल कॉलेजों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में संचालित एमबीबीएस/ बीडीएस पाठ्यक्रम की राज्य कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसिलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेगी। आधिकारिक यूपी नीट पोर्टल पर भी दूसरे चरण की काउंसिलिंग से संबंधित अधिसूचना उपलब्ध है। कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की मेरिट सूची 21 सितंबर, 2026 को जारी होगी। अभ्यर्थी 21 सितंबर को अपराह्न 2 बजे से 24 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। सीट आवंटन परिणाम 25 सितंबर को जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित होगी, वे 26 सितंबर से 1 अक्तूबर तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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महिलाओं के लिए जाति प्रमाणपत्र बना मुसीबत
शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग की अभ्यर्थी नियम-शर्तों से परेशान
प्रयागराज, मुख्य संवाददाता। शहरी क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों के 11508 और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के 897 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन में आरक्षित वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार आरक्षित श्रेणी के ऐसे अभ्यर्थी जो उत्तर प्रदेश राज्य के मूल निवासी नहीं हैं, उन्हें इन वर्गों को मिलने वाली छूट का लाभ अनुमन्य नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी के माने जाएंगे।वहीं महिला अभ्यर्थियों के मामले में पिता पक्ष से निर्गत जाति प्रमाण-पत्र ही मान्य होगा। अब समस्या यह है कि जाति प्रमाणपत्र बनाने में कुछ शादीशुदा महिला अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है, क्योंकि शादी होने के बाद आधार कार्ड में पता बदल गया है। जबकि जाति प्रमाणपत्र पितापक्ष का मांगा जा रहा है। ससुराल पक्ष का पता होने के कारण, कई लेखपाल प्रमाणपत्र को सत्यापित नहीं कर रहे। जाति प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन स्वघोषणा पत्र भरवाया जाता है कि मेरी जाति यह है। शादीशुदा महिलाओं के मामले में स्वघोषणा पत्र में मायके और ससुराल पक्ष के पते का भी जिक्र करना होता है। वैसे भी प्रमाणपत्र जाति का बनना है तो उसमें पता से कोई लेनादेना नहीं, क्योंकि पता का महत्व निवास प्रमाणपत्र में होता है। इसके बावजूद जाति प्रमाणपत्र के लिए मिले आवेदन कुछ लेखपाल आधार में पता अलग होने के कारण रिजेक्ट कर दे रहे हैं।
राष्ट्रपति को पत्र लिख कर कार्रवाई की मांग
प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी भर्ती पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर कराने की मांग को लेकर युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र भेजकर यथाशीघ्र उचित कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में प्रवक्ता पद के लिए बीएड सहित विभिन्न पात्रता शर्तों में बदलाव से ऐसे अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें पूर्व अवसर मिलता रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सामान्य एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और अतिरिक्त महंगी शैक्षिक योग्यताएं हासिल करना उनके लिए कठिन है।
जेनजी कनेक्ट यात्रा पहुंची
प्रयागराज। 20 अगस्त को गोरखपुर के चौरीचौरा से शुरू हुई जस्टिस मोर्चा की जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा अपने 32वें दिन रविवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के यूनियन हॉल से शुरू होकर फाफामऊ पहुंची। यात्रा के साथियों ने पत्थर गिरजाघर पर पुरानी नियमावली को लेकर चल रहे आंदोलन में भी भाग लिया और समर्थन दिया।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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एक्सरे टेक्नीशियन पर 11 की तैनाती,शुरू होंगी जांच
जिले की सभी सीएचसी में शुरू होगी एक्सरे जांच
मरीजों को जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी
रायबरेली,संवाददाता। सीएचसी पर एक्सरे जांच की सुविधा के लिए भटक रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। शासन की ओर से जिले को 11 नए एक्सरे टेक्नीशियन मिले हैं। इससे अब जिले की लगभग सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सरे जांच शुरू होने की उम्मीद है। अभी कुछ सीएचसी पर पहले से टेक्नीशियन तैनात हैं, जबकि कई केंद्रों पर टेक्नीशियन न होने के कारण एक्सरे मशीनें होने के बावजूद जांच की सुविधा प्रभावित थी।सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि शासन की ओर से जिले को 11 एक्सरे टेक्नीशियन मिले हैं। इनकी तैनाती के बाद लगभग सभी सीएचसी पर एक्सरे जांच का काम शुरू हो जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही जांच की सुविधा मिल सकेगी।जिले में कुल 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। कई केंद्रों पर टेक्नीशियन की कमी के कारण मरीजों को एक्सरे जांच के लिए जिला अस्पताल या निजी सेंटरों का रुख करना पड़ता था। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को कई किलोमीटर का सफर तय करने के साथ ही समय और रुपये दोनों खर्च करने पड़ते थे। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के सामने निजी पैथोलॉजी या जांच केंद्रों पर शुल्क देना भी बड़ी परेशानी थी। अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही होगी जांच नए टेक्नीशियनों की तैनाती के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एक्सरे जांच की सुविधा मजबूत होगी।
दुर्घटना में घायल मरीजों, हड्डी संबंधी मरीजों और चिकित्सकों की सलाह पर एक्सरे कराने से लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने लगेगी। इससे जिला अस्पताल पर भी जांच का दबाव कम होने की उम्मीद है।
कुछ टेक्नीशियन पहले से भी दे रहे सेवा
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले की कुछ सीएचसी पर पहले से ही एक्सरे टेक्नीशियन तैनात हैं और वहां जांच की सुविधा चल रही है। अब 11 नए टेक्नीशियन मिलने से शेष केंद्रों पर भी व्यवस्था बेहतर होने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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यूजीसी बिल के विरोध में एक्सप्रेसवे जाम
आगरा में छह घंटे चला प्रदर्शन, पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर खेतों के रास्ते पहुंचे, बुलडोजर से रोके थे रास्ते
आगरा-हाथरस रोड पर पुलिस ने नाकेबंदी की
आगरा, हिन्दुस्तान टीम। यूजीसी बिल के खिलाफ रविवार को करीब छह घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। कई बार पुलिस से धक्का-मुक्की की गई। नाकेबंदी के बावजूद आंदोलनकारी कच्चे रास्तों से यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए और 20 मिनट तक जाम लगाया। बाद में टेढ़ी बगिया तक ट्रैक्टर मार्च किया। वहां पूरी तरह रोड ब्लॉक होने के कारण प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ पाए। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर एसडीएम एत्मादपुर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।यूजीसी मुक्ति मोर्चा ने यूजीसी बिल के खिलाफ रविवार को जलेसर रोड स्थित मुड़ी चौराहे से कलक्ट्रेट तक ट्रैक्टर मार्च और सभा की घोषणा की थी। प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर थाना खंदौली क्षेत्र का मुड़ी चौराहा छावनी में तब्दील कर दिया गया। आंदोलनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह पीएसी और पुलिस लगा दी गई थी। आगरा-हाथरस रोड को नाकेबंदी कर पूरी तरह रोक दिया गया। मुड़ी चौराहे से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। पूरे रास्ते पर अधिकारी लगातार मूवमेंट करते रहे।
यूजीसी रोलबैक की आवाज उठाई:
मुड़ी चौराहे पर सुबह आठ बजे यूजीसी मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष रिटायर्ड सीओ धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में भीड़ जमा होने लगी। यहां हुई सभा सभा में यूजीसी रोलबैक की आवाज उठाई गई। पुलिस-प्रशासन ने यहां से ट्रैक्टर मार्च नहीं करने दिया। इसको लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा हुआ। बीच-बीच में पुलिस से धक्कामुक्की भी होती रही
फिरोजाबाद में पुलिस से झड़प, तीन घायल
फिरोजाबाद। यूजीसी बिल के विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी गांधी पार्क में जुटे। प्रदर्शनकारियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए जिला मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे। विवेकानंद चौराहे पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान धक्कामुक्की हो गई जिसमें तीन लोग घायल हो गए।
20 मिनट तक एक्सप्रेस वे पर बैठ कर नारेबाजी
सुबह 11 बजे के बाद प्रदर्शनकारी पुलिस की नाकाबंदी फेल करते हुए खेतों के रास्ते ट्रैक्टर लेकर चल दिए। इससे पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। जब भारी फोर्स आगे बढ़ी तो टकराव के हालात बन गए। प्रदर्शनकारी रुकने को तैयार नहीं थे और अधिकारी बार-बार आगे न बढ़ने की चेतावनी दे रहे थे। इसी बीच गांव के रास्ते से भीड़ यमुना एक्सप्रेसवे के फ्लाईओवर के नीचे जमा हो गई और कच्चे रास्ते से ऊपर पहुंच गई। यहां करीब 20 मिनट तक एक्सप्रेसवे जाम कर दिया। आंदोलनकारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। एक्सप्रेसवे रुकते ही पुलिस हरकत में आई। इसके बाद नेतृत्वकर्ताओं को साथ लेकर यमुना एक्सप्रेस खाली कराया गया।दोपहर में ट्रैक्टर मार्च ट्रैक्टर मार्च टेढ़ी बगिया पर नाई की सराय के पास पहुंच गया। यहां भी प्रदर्शनकारियों को रोका गया। दोपहर दो बजे जब भीड़ काबू में नहीं आई तो पुलिस ने बल प्रयोग कर दौड़ा दिया। प्रदर्शनकारियों ने मार्च में करीब एक हजार लोग और 200 से अधिक ट्रैक्टर शामिल होने का दावा किया है।
सवर्ण समाज ने बिल वापसी की मांग की
यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों द्वारा बिल वापसी की मांग को लेकर थाना खंदौली क्षेत्र में मुड़ी चौराहा के पास विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। स्पष्ट करना है कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर किसी भी प्रकार का प्रदर्शन नहीं हो रहा है न ही जाम किया गया है। एक्सप्रेस-वे पर यातायात सुचारू रूप से संचालित है। एहतियातन कमिश्नरेट आगरा के सभी प्रमुख चौराहों एवं प्रदर्शन स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
[21/09, 5:40 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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12वीं तक शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए : चंद्रशेखर
आईआईटी जैसी महंगी शिक्षा गरीबों को नि:शुल्क दी जाए
कहा, महापुरुष उनके सपने में आकर संघर्ष की प्रेरणा देते
रुधौली (बस्ती) हिन्दुस्तान संवाद। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि कक्षा एक से 12वीं तक शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए। गरीब बच्चों को आईआईटी जैसी महंगी शिक्षा नि:शुल्क मिलनी चाहिए। गरीब बच्चे तभी पढ़ सकेंगे, आगे बढ़ सकेंगे।सांसद चंद्रशेखर रविवार को रुधौली विधानसभा क्षेत्र स्थित मानिकचंद चौराहे पर एक मैरेज हाल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। सांसद ने कहा कि तमाम महापुरुष उनके सपने में आते हैं। उनसे कहते हैं कि संघर्ष करने की जरूरत है। गरीब, मजलूम, पिछड़े, अति गरीब की सेवा करने की जरूरत है। सोए हुए लोगों को जगाएं। आप सब की भी जिम्मेदारी है कि आजाद समाज पार्टी को मजबूत करें। पार्टी की सरकार बनी तो समस्याएं दूर होंगी। पिछड़ों, दलितों और सभी युवाओं को रोजगार मिलेगा।आजाद ने कहा कि चुनाव के दौरान किसी के बहकावे में न आएं। प्रदेश में सरकार बनने पर दूसरे प्रदेशों में नौकरी करने नहीं जाना पड़ेगा। अपने ही प्रदेश में रोजगार और नौकरी मुहैया होगी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए आंदोलन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उस आंदोलन में व आंदोलनकारियों के बीच में खड़े थे। चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार युवाओं की बातों को नहीं सुन रही है। कहा कि अमीर का कभी शोषण नहीं हुआ है। जब भी शोषण हुआ है तो गरीब ही उसका शिकार होता है।
[21/09, 5:41 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और मेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में यूपी नीट यूजी-2026 की दूसरे चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में संचालित एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम की स्टेट कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेगी। आधिकारिक यूपी नीट पोर्टल पर भी दूसरे चरण की काउंसलिंग से संबंधित अधिसूचना उपलब्ध है।संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की मेरिट सूची 21 सितंबर, 2026 को जारी होगी। इसके बाद अभ्यर्थी 21 सितंबर को अपराह्न 2 बजे से 24 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। सीट आवंटन परिणाम 25 सितंबर को जारी किया जाएगा। सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थी 26 सितंबर से 1 अक्टूबर, 2026 तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण में सीटों का आवंटन दूसरे चरण की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। काउंसलिंग के लिए पहले से निर्धारित नियम एवं शर्तें लागू रहेंगी।
पहले चरण में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को राहत
शासन के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रथम चरण की काउंसलिंग के माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों में जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश ले लिया है, उनका प्रवेश यथावत रहेगा। इससे प्रथम चरण में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 4 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था से संबंधित मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए संबंधित निर्णयों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों से नीट यूजी-2026 काउंसलिंग से जुड़ी अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट upneet.gov.in और dgme.up.gov.in को नियमित रूप से देखने की अपील की है।
योगी सरकार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को मिला व्यापक आधार
योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे और मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वर्तमान यूपी नीट यूजी-2026 काउंसलिंग पोर्टल पर प्रदेश के अनेक राजकीय एवं निजी मेडिकल संस्थान सूचीबद्ध हैं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायालयीन निर्देशों, शासन के निर्णयों और निर्धारित आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी
हेल्पलाइन: 8189011696, 8189011697, 8189011698, 8189011699, 8189011700
समय: प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक।
[21/09, 5:41 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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होमगार्ड के 7,600 पदों पर और होगी भर्ती
लखनऊ, विशेष संवाददाता होमगार्ड स्वयंसेवकों के 41,424 पदों पर इनरोलमेंट के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7,600 और रिक्त पदों पर होमगार्ड जवानों की भर्ती होगी। वर्तमान में चल रही भर्ती का अंतिम परिणाम जल्द जारी होगा। इसके बाद होमगार्ड स्वायंसेवकों के रिक्त पदों का अधियाचन पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड को भेजा जाएगा, ताकि इन पदों पर इनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू हो सके।
[21/09, 5:41 am] Tr.Dinesh Chandra Gupta:
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प्रदेश के 74 केंद्रों पर हुई आबकारी सिपाही की मुख्य परीक्षा
हिन्दुस्तान, लखनऊ:उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आबकारी सिपाही तथा फार्मासिस्ट (आयुर्वेदिक) की मुख्य परीक्षा रविवार को दो पॉलियों में आयोजित की गई। आबकारी सिपाही की परीक्षा लखनऊ, गोरखपुर और गाजियाबाद के 74 केंद्रों पर तथा फार्मासिस्ट की मुख्य परीक्षा लखनऊ के छह केंद्रों पर दूसरी पॉली परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा के आंकड़े
आयोग के परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक आबकारी सिपाही के 820 पदों के लिए 32,891 को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। इसमें 15,704 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के 1002 पदों के लिए 2678 को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। इसमें से 2304 ने परीक्षा में हिस्सा लिया। आबकारी सिपाही में 47.5 तथा फार्मासिस्ट में 86.03 फीसदी परीक्षार्थी उपस्थित रहे। निगरानी के लिए 168 सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा 4,644 अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। कुल 3480 सीसीटीवी कैमरों के जरिए परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई। आयोग तथा जिला मुख्यालयों में कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी की गई।
परीक्षा निगरानी में एआई का इस्तेमाल
आबकारी सिपाही के 74 केंद्रों पर एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों तथा वीओआईपी जैसी संचार निगरानी सिस्टम का सफल प्रयोग किया गया। एआई के जरिए संदिग्ध गतिविधियों, अनाधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति तथा परीक्षा कक्ष की असमान्य गतिविधि की पहचान कर रियल टाइम अलर्ट जारी करन
,.................. लखनऊ: यूपी NEET UG-2026 काउंसलिंग को लेकर पांच दिन से चल रहा असमंजस खत्म। शासन ने पहले चरण की काउंसलिंग को बहाल कर दिया है। 1 से 7 सितंबर के बीच हुए दाखिले यथावत रहेंगे, दोबारा काउंसलिंग जरूरी नहीं। दूसरे चरण की संशोधित काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किया गया। 21 सितंबर को मेरिट सूची जारी होगी, दोपहर 2 बजे से च्वाइस फिलिंग शुरू होगी। 24 सितंबर सुबह 11 बजे तक अभ्यर्थी कॉलेज और पाठ्यक्रम की च्वाइस भर सकेंगे। 25 सितंबर को सीट आवंटन परिणाम, 26 सितंबर से 1 अक्टूबर तक दाखिले होंगे। चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण का मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित। ,................................ चंदौली -- शहाबगंज पुलिस का पशु तस्करों पर शिकंजा, एक तस्कर गिरफ्तार बड़गांवा ईंट भट्ठे के पास चेकिंग के दौरान पुलिस को मिली बड़ी सफलता.... पुलिस ने 03 गोवंशीय बछड़ों को सकुशल बरामद किया..... गोवंश को से पैदल बिहार ले जा रहें थे तस्कर.... पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से अजमल अंसारी को गिरफ्तार किया.... तस्कर अतायस्तगंज, बड़गांवा होते हुए गांव-खेतों के रास्ते बिहार ले जाता था...... थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह के नेतृत्व में शहाबगंज पुलिस की कार्रवाई....????????????????
................. ना को0देहात व एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा 02 अन्तर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, इको स्पोर्ट कार में छिपाकर ले जाया जा रहा 50.800 किग्रा अवैध गांजा(अनुमानित अन्तर्राष्ट्रीय कीमत ₹ 35 लाख मय वाहन) बरामद मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक पुलिस अधीक्षक जनपद मीरजापुर द्वारा जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाये रखने हेतु अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने तथा अवैध रूप से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान में प्रभावी कार्यवाही करने हेतु जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षगण को निर्देश दिया गया है । उक्त निर्देश के अनुक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में थाना को0देहात व एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है । दिनांकः21.09.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर संयुक्त पुलिस टीम द्वारा थाना को0देहात क्षेत्रांतर्गत छितपुर मोड़ वहद ग्राम बरकछा खुर्द के पास सघन चेकिंग कर इको स्पोर्ट कार वाहन संख्या: UP90N2087 सवार 02 अभियुक्तों 1.ओमेन्द्र सिंह पुत्र बलवीर सिंह निवासी विलहरका थाना करतल जनपद बाँदा व 2.तुषार कुमार पुत्र बाबूलाल निवासी N125/27 वजीरपुर सत्सर्ग थाना Aब्लॉक दिल्ली को गिरफ्तार कर मौके से कार से 04 प्लास्टिक को बोरियों में रखा कुल 50.800 किग्रा अवैध गांजा बरामद किया गया । गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे कार चालक के रूप में कार्य करते हैं जो एक अन्य व्यक्ति के कहने पर उक्त कार में उड़ीसा से लदे गांजे को जनपद बाँदा ले जा रहे थे जिसे पहुंचाने के लिए उन्हें पैसा मिलता परन्तु पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया । उक्त गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना को0देहात पर मु0अ0स0-460/2026 धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार अभियुक्तों को मा0न्यायालय/जेल भेजा जा रहा है तथा गांजा तस्करी में प्रयुक्त एक अदद इको स्पोर्ट कार वाहन संख्याःUP90N2087 को अन्तर्गत धारा 207 एमवी एक्ट में सीज किया गया । ....................... थाना पड़री पुलिस द्वारा चोरी के अभियोग से सम्बन्धित एक अभियुक्त गिरफ्तार, चोरी की पायल सहित अन्य सामान बरामद मीरजापुर थाना पड़री, जनपद मीरजापुर पर दिनांक 20.09.2026 को वादी सत्यप्रकाश गौतम पुत्र राजेश कुमार गौतम निवासी ग्राम बेलवन थाना पड़री जनपद मीरजापुर द्वारा बइस्तवाह अभियुक्त के विरुद्ध लिखित तहरीर दी गयी। वादी द्वारा बताया गया कि ट्रेन यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात झारखण्ड आर्म्ड पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति से हुई, जिससे बातचीत के दौरान परिचय एवं मित्रता हो गयी । उक्त व्यक्ति दिनांक 07.09.2026 को वादी के घर आया तथा वहीं रहने लगा इसी दौरान वादी के घर में रखे बक्से से चाँदी की पायल चोरी हो गयी । वादी की तहरीर के आधार पर थाना पड़री पर मु0अ0सं0-251/2026 धारा 305(ए) बीएनएस पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्यवाही प्रारम्भ की गयी । अपर्णा रजत कौशिक पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा उक्त चोरी की घटनाओं को गंभीरता पूर्वक लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में घटना का घटना से सम्बन्धित अभियुक्त की गिरफ्तारी व चोरी के माल की बरामदगी कराने हेतु थानाध्यक्ष पड़री को निर्देश दिये गये । उक्त निर्देश के अनुक्रम में उपनिरीक्षक संजय कुमार व विजय शंकर यादव मय पुलिस टीम द्वारा उक्त चोरी की घटना में भौतिक एवं इलेक्ट्रानिक साक्ष्य संकलित करते हुए दिनांकः21.09.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर गुरखुली बस स्टैण्ड के पास से अभियुक्त गोपाल उर्फ सौरभ पुत्र स्व0अशोक राम निवासी निकट राम लखन सिंह यादव कालेज रोड़ शिव मंदिर वार्ड नं0 17 थाना झुमरी तलैया जिला कोडरमा झारखण्ड को गिरफ्तार किया गया । अभियुक्त के कब्जे से चोरी की एक अदद इस्तेमाली पायल(सफेद धातु), ₹ 310 नगद, एक अदद मोबाइल फोन व एक अदद ट्राली बैग बरामद हुआ मौके से बरामद ट्राली बैग को खोलकर चेक किया गया तो बैग में रखी 02 अदद आर्मी कलर की वर्दी कंधे पर JAP तथा बाजू पर कमाण्डो का मोनोग्राम लगा हुआ, नेम प्लेट, दो अदद आईडी कार्ड झारखण्ड शसस्त्र वाहिनी, एक अदद सीटी, एक अदद बेल्ट मिला । अभियुक्त द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वह किसी सेना/सशस्त्र बल में कार्यरत नहीं है तथा शौकवश उक्त वर्दी को रखता था और उसे पहनकर स्वयं को सेना में होना बताता था । थाना पड़री पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध पंजीकृत मुकदमा उपरोक्त में धारा 205,319,317(1),168 बीएनएस की बढोत्तरी कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार अभियुक्त को मा0न्यायालय/जेल भेजा गया ।
...................... थाना पड़री पुलिस द्वारा चोरी के अभियोग से सम्बन्धित एक अभियुक्त गिरफ्तार, चोरी की पायल सहित अन्य सामान बरामद ................... थाना अहरौरा पुलिस द्वारा नाबालिग को बहला-फुसला के भगाने के अभियोग से सम्बन्धित अभियुक्त गिरफ्तार, अपहृता बरामद मीरजापुर थाना अहरौरा, जनपद मीरजापुर पर दिनांकः19.09.2026 को एक व्यक्ति द्वारा नामजद अभियुक्त के विरूद्ध वादी की नाबालिग पुत्री को बहला-फुसला कर भगा ले जाने के सम्बन्ध में तहरीर दी गयी । उक्त के सम्बन्ध में लिखित तहरीर के आधार पर थाना अहरौरा पर मु0अ0सं0-197/2026 धारा 137(2),87 बीएनएस पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई ।अपर्णा रजत कौशिक पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन व क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं अपहृता की बरामदगी हेतु थानाध्यक्ष अहरौरा को निर्देश दिए गए । उक्त निर्देश के अनुक्रम में थाना अहरौरा पर पंजीकृत उपरोक्त अभियोग में अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए दिनांकः21.09.2026 को उप निरीक्षक राजकुमार सिंह मय पुलिस टीम द्वारा नामजद छोटू बिन्द पुत्र मंगरू बिन्द निवासी ग्राम मादाचक धुरिया थाना अहरौरा जनपद मीरजापुर को गिरफ्तार कर अपहृता को बरामद किया गया । थाना अहरौरा पुलिस द्वारा नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार अभियुक्त को मा0न्यायालय/जेल भेजा गया । ...................... जनपदीय पुलिस द्वारा 06 नफर वारंटी गिरफ्तार मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान इनामियां, जिलाबदर, व वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं प्रभावी कार्यवाही करने हेतु जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षगण को निर्देश दिया गया है । उक्त निर्देश के अनुक्रम में दिनांकः21.09.2026 को थाना लालगंज-01, थाना जिगना-02, थाना ड्रमण्डगंज-02 व थाना मड़िहान-01 नफर वारण्टी(कुल 06 नफर वारण्टी) को गिरफ्तार कर मा0न्यायालय में प्रस्तुत किया गया ।
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