जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने ली बैठक, दिया आवश्यक दिशा-निर्देश
मीरजापुर 16 सितम्बर 2026- जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य से जुड़े तकनीकी सहायकों, जनगणना लिपिकों, तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय कार्य है, जो विकास योजनाओं का आधार बनता है, इसलिए इसमें शत-प्रतिशत शुद्धता एवं गोपनीयता बरती जाए। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा द्वितीय चरण में जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी। इस चरण में प्रत्येक परिवार के सदस्यों की संख्या, आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, मातृभाषा, दिव्यांगता एवं अन्य जनसांख्यिकीय विवरण डिजिटल माध्यम से एकत्र किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रगणक एवं सुपरवाइजर को मोबाइल ऐप आधारित गणना का प्रशिक्षण समय से पूर्ण कर लिया जाए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए ब्लाकवार चार्ट तैयार कर जनगणना कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दुर्गम, वनवासी बस्तियों में कोई भी परिवार गणना से वंचित न रहे। जनगणना सामग्री, प्रशिक्षण किट एवं मानदेय का समय से वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश जिला जनगणना अधिकारी को दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य कर जनगणना को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 विनोद कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, उप जिलाधिकारी चुनार अनेग सिंह, लालगंज अजीत सिंह, तहसीलदार सदर दीक्षा पाण्डेय, लालगंज विशाल शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल वर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
............. दिल्ली- मोदी कैबिनेट का फैसला - कैबिनेट ने EPFO वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने को मंज़ूरी दी,इस फ़ैसले से 51 लाख से ज़्यादा अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आ जाएँगे , सरकार ने कहा उद्योगों में काम कर रहें कर्मचारियों के हित में फ़ैसला लिया गया है !!
.... जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने ली बैठक, दिया आवश्यक दिशा-निर्देश मीरजापुर 16 सितम्बर 2026- जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य से जुड़े तकनीकी सहायकों, जनगणना लिपिकों, तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय कार्य है, जो विकास योजनाओं का आधार बनता है, इसलिए इसमें शत-प्रतिशत शुद्धता एवं गोपनीयता बरती जाए। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा द्वितीय चरण में जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी। इस चरण में प्रत्येक परिवार के सदस्यों की संख्या, आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, मातृभाषा, दिव्यांगता एवं अन्य जनसांख्यिकीय विवरण डिजिटल माध्यम से एकत्र किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रगणक एवं सुपरवाइजर को मोबाइल ऐप आधारित गणना का प्रशिक्षण समय से पूर्ण कर लिया जाए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए ब्लाकवार चार्ट तैयार कर जनगणना कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दुर्गम, वनवासी बस्तियों में कोई भी परिवार गणना से वंचित न रहे। जनगणना सामग्री, प्रशिक्षण किट एवं मानदेय का समय से वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश जिला जनगणना अधिकारी को दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य कर जनगणना को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 विनोद कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, उप जिलाधिकारी चुनार अनेग सिंह, लालगंज अजीत सिंह, तहसीलदार सदर दीक्षा पाण्डेय, लालगंज विशाल शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल वर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
............. मीरजापुर में गरीबों के राशन पर पूर्ति विभाग का 'संरक्षित' डाका: 25 किलो में 7 किलो गायब, बेखौफ सिंडिकेट से जनता में त्राहिमाम पूरे जनपद में 5 किलो पर 1 किलो की खुली घटतौली; हाल ही में बुढ़ेनाथ के दागी कोटेदार पर हुए खुलासे ने खोली सिस्टम की पोल, कुंभकर्णी नींद में सोए जिम्मेदार। मीरजापुर। जनपद में खाद्य एवं रसद विभाग की नाक के नीचे गरीबों के हक के अनाज पर राशन माफियाओं की खुली डकैती बदस्तूर जारी है। कागजों में ई-पॉस मशीनों और डिजिटल वितरण प्रणाली की 'पारदर्शिता' का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन धरातल पर पूरा पूर्ति तंत्र एक संगठित राशन सिंडिकेट के आगे नतमस्तक नजर आ रहा है। जिले भर में हर 5 किलो राशन पर सीधे 1 किलो अनाज की कटौती आम बात हो चुकी है, जबकि मीरजापुर नगर क्षेत्र के कई वार्डों में तो धांधली की सारी हदें पार हैं—यहाँ 25 किलो के आवंटन पर उपभोक्ताओं को सीधे 7 किलो कम राशन देकर खुलेआम डकारा जा रहा है। सरकारी गोदामों से शत-प्रतिशत अनाज उठान के बावजूद कोटेदारों की तराजू पर गरीबों का निवाला किसकी मिलीभगत से गायब हो रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। आलम यह है कि जायज हक मांगने पर गरीब कार्डधारकों को 'अपात्र' बताकर राशन कार्ड निरस्त कराने की धमकी दी जाती है, वहीं ई-केवाईसी और सत्यापन के नाम पर भी अवैध वसूली का धंधा बेधड़क चल रहा है। इस संगठित लूट और विभागीय सांठगांठ की कड़वी हकीकत हाल ही में तब पूरी तरह बेनकाब हो गई, जब नगर पालिका के बुंदेलखण्डी वार्ड के एक सभासद द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्रक में बुढ़ेनाथ स्थित दुकान संख्या 75 के दागी कोटेदार मंगलदास की मनमानी का भंडाफोड़ किया गया। राशन कालाबाजारी के आरोप में पहले भी सस्पेंड हो चुके इस कोटेदार के खिलाफ सामने आए वीडियो साक्ष्यों में वह खुलेआम यह दावा करता दिखा कि विभाग से ही कटौती होती है और पूरा तंत्र इसमें शामिल है। यह खुलासा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बुढ़ेनाथ की घटना केवल एक बानगी है, जबकि ऐसा ही खेल पूरे मीरजापुर के नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बेखौफ खेला जा रहा है। पूर्ति विभाग के अफसरों की आपराधिक चुप्पी राशन माफियाओं के हौसले बुलंद कर रही है। गरीबों के निवाले पर जारी इस दिन-दहाड़े डकैती से जनता में भारी आक्रोश है। यदि जिला प्रशासन ने तत्काल व्यापक औचक जांच कराकर दागी कोटेदारों पर एफआईआर, रिकवरी और कोटा निरस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की, तो यह जनआक्रोश कभी भी सड़कों पर फूट सकता है।
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