News Express

P7 न्यूज़ यूपी सबसे तेज ब्रेकिंग...... चंदौली डकैती में शामिल और वाराणसी में दारोगा गोली मारकर सर्विस पिस्टल लूटने वाले कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ लल्लन को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया

P7 न्यूज़ यूपी सबसे तेज ब्रेकिंग......

चंदौली डकैती में शामिल और वाराणसी में दारोगा गोली मारकर सर्विस पिस्टल लूटने वाले कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ लल्लन को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया.........

कुख्यात लल्लन पर वाराणसी से एक लाख और चंदौली से 25 हजार का इनामी इनाम था घोषित.........

कुख्यात अपराधी लल्लन के दोनो भाई 21 नवम्बर 2022 को वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने मार गिराया था..........

बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ ललन........

यूपी के सहारनपुर के सरसावा-नकुड़ रोड के पास हुई मुठभेड़......

......................................... अपडेट--- अपराधी लल्लन पासी उर्फ ललन सिंह पर करीब 13 गंभीर मुकदमे दर्ज थे.... 1 नवंबर 2022 में चंदौली जिले के सकलडीहा कोतवाली इलाके में लालव्रत चौहान को गोली मारकर पल्सर बाइक लूट ली थी .................................................... _विंध्याचल मंदिर में खाकी की गुंडागर्दी, पत्रकार नाम सुनते ही पुलिसकर्मी ने चेहरे पर जड़े घूंसे❗????❗ ​विंध्याचल (मिर्जापुर): आस्था के केंद्र प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर को पुलिस ने अखाड़े में तब्दील कर दिया है। दर्शनार्थियों और तीर्थ पुरोहितों के बाद अब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर भी खाकी का कहर टूटा है। बीती रात मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार रामलाल साहनी के साथ ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि पत्रकार का परिचय देने पर आगबबूला होकर उनके चेहरे पर ताबड़तोड़ घूंसे जड़ दिए। ​घटना से आक्रोशित पत्रकार कंट्रोल रूम पहुंचे, तब जाकर एसपी सिटी नितेश सिंह कोतवाली विंध्याचल पहुंचे। हालांकि, पुलिस के आलाधिकारी हमेशा की तरह मामले को 'जांच' का हवाला देकर ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश करते दिखे। ​बड़ा सवाल: जनता की आवाज उठाने वाले निष्पक्ष पत्रकारों पर सरेआम हमला शासन और प्रशासन की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर विंध्य कॉरिडोर में तैनात पुलिसकर्मियों को इस गुंडागर्दी की छूट किसने दी? इस शर्मनाक घटना के विरोध में स्थानीय पत्रकारों ने पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए एक महाबैठक बुलाई है। अगर दोषी पुलिसकर्मी पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई नहीं हुई, तो पत्रकार चुप नहीं बैठेंगे।

.............................................................. गोरखपुर में ट्रिपल मर्डर!???? 16 साल के लड़के ने बड़े भाई अमित गुप्ता, भाभी रंजना गुप्ता और भतीजे रेयांश गुप्ता की हत्या कर दी। तीनों को मारकर हत्यारोपी एक कमरे में छिपकर बैठ गया। पुलिस ने उसे कस्टडी में ले लिया है। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है

............................................. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: मिर्जापुर के विंध्यवासिनी धाम में पुलिसकर्मी ने पत्रकार को बेरहमी से पीटा, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल ​ उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ विंध्यवासिनी धाम (विंध्याचल) से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। बीती रात मंदिर परिसर में तैनात एक पुलिसकर्मी ने विभिन्न समाचार चैनलों और पत्रों में कार्यरत स्थानीय पत्रकार रामलाल साहनी पर जानलेवा हमला कर दिया। बिना किसी ठोस वजह के, आक्रोशित पुलिसकर्मी ने निहत्थे पत्रकार के चेहरे पर घूंसों की बरसात कर दी। ​आंखों के पास लगी गंभीर चोट, टला बड़ा हादसा पुलिसकर्मी के इस बर्बर हमले में पत्रकार रामलाल साहनी की आंख के पास बेहद नाजुक हिस्से पर गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह वार इतना जोरदार था कि पत्रकार की आंख की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती थी या वे अपंग हो सकते थे। घटना की भनक लगते ही भारी संख्या में पत्रकार साथी मौके पर एकत्र हो गए। हैरान करने वाली बात यह रही कि जहां पीड़ित पत्रकार अपना पक्ष रख रहे थे, वहीं पुलिस के उच्चाधिकारी आरोपी पुलिसकर्मी के बचाव में खड़े दिखाई दिए। ​प्रशासन की 'लाइन हाजिर' वाली खानापूर्ति और सुलगते सवाल मामला तूल पकड़ने पर पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी को सिर्फ 'लाइन हाजिर' करने जैसी मामूली कार्रवाई का आश्वासन दिया जा रहा है, जो महज एक खानापूर्ति प्रतीत होती है। सवाल यह उठता है कि पत्रकार के स्वाभिमान और लोकतंत्र के सीने पर जो घाव लगा है, उसका इलाज कौन करेगा? ​सिस्टम की मंशा पर सवाल: एक तरफ जहां बड़े-बड़े मंचों से पत्रकार सुरक्षा के कसीदे पढ़े जाते हैं, वहीं जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। पत्रकार का नाम सुनते ही पुलिसकर्मी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाना यह साफ दर्शाता है कि सच लिखने वालों से सिस्टम किस कदर खुन्नस रखता है। ​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार जहां एक ओर पत्रकार सुरक्षा और कानून व्यवस्था का दावा करती है, वहीं मिर्जापुर पुलिस की इस गुंडागर्दी ने इन दावों को खुली चुनौती दे दी है। इस घटना से स्थानीय मीडिया कर्मियों और समाजसेवियों में भारी आक्रोश है, और वे दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Latest News

Newsletter

2023 @ DL NEWS. All Rights Reserved.