यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर अपडेट
* 4543 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा पास अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच और शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) 15, 16 और 17 जून को होगा।
* मेरिट और आरक्षण नीति के आधार पर उपलब्ध पदों के 2.7 गुना अभ्यर्थियों को डीवी/पीएसटी के लिए बुलाया जाएगा।
* भर्ती बोर्ड जून के अंतिम सप्ताह में डीवी/पीएसटी में सफल अभ्यर्थियों की दौड़ कराने की तैयारी में।
* 15, 16 और 17 जून को सभी जिलों की पुलिस लाइन में होगा
..................................................... आने वाला समय कुवांरेपन का युग होगा? एक हालिया अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार अगले छ:वर्षो में विश्व की लगभग 45% लड़कियां अविवाहित रह जाएंगी। यह रिपोर्ट 1 फरवरी 2025 को प्रकाशित लोकमत अखबार में छपी थी, जो मार्गन स्टेनली संस्था द्वारा किए गए एक विस्तृत अध्धयन पर आधारित हैं।। सर्वेक्षण में पाये गए प्रमुख कारण:- १.आज की लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है और करियर को प्राथमिकता दे रही हैं। २.वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है और किसी पर निर्भर रहना नहीं चाहती। ३.उन्हें स्वतंत्रता प्रिय है और वे अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेना चाहती हैं। ४.विवाह, मातृत्व और पारिवारिक बंधनों को वे अक्सर अपनी प्रगति में बाधा मानने लगी हैं। ५.यदि यह प्रवृति बनी रही तो पारंपरिक परिवार प्रणाली और सामाजिक संरचना बिखर सकती हैं। ६.जनसंख्या में गिरावट, कुंवारे लड़को की संख्या में वृद्धि और वृद्धावस्था में अकेलेपन की समस्याएँ सामने आ सकती हैं। ७.प्रश्न यह भी उठता है प्रगति, पद और पैसा किस काम आएंगे, जब जीवन के अंत में साथ देने वाला कोई न होगा? कई माता पिता लड़कियों के रिश्ते तो ढूंढ रहे हैं, पर स्वयं लड़की को विवाह में रूचि नहीं होती। जिसके कारण हर रिश्ता नकारा जा रहा है। समाज के एक बड़े वर्ग को इस बदलाव की गंभीरता का अभी मालूम नहीं है,इसलिए यह आवश्यक है कि हम समय रहते चेते। लड़कियों के विवाह के लिए उपयुक्त आयु 19 से 22 वर्ष के बीच हो, इसके लिए सामूहिक स्तर पर जागरूकता ओर पहल जरूरी है। यह विषय किसी के विरोध में नहीं, बल्कि भविष्य की स्थिरता और संतुलन की चिंता के तहत उठाया गया है, *समाज, परिवार और व्यक्तिगत जीवन तीनों को संतुलित रखना ही सच्ची प्रगति हैं। धन्यवाद!???? ????????️???????????????????????????????????? : हम सबको इस पर विचार अवश्य करना चाहिए ︵︷︵︷︵︷︵︷︵︷︵ भविष्य की एक ज्वलंत समस्या ︶︸︶︸︶︸︶︸︶︸︶ ???????? जब बच्चों का विवाह 20 साल में होता था, तो एक सदी में 5 पीढ़ियाँ होती थीं. ???????? जब बच्चों का विवाह 25 साल में होता था, तो एक सदी में 4 पीढ़ियाँ होती थीं. ???????? अब बच्चों का विवाह 30 साल में होता है, तो एक सदी में 3 पीढ़ियाँ होती हैं. ???????? सोचने वाली बात है. क्या हमारा समाज अगली सदी तक जीवित रहेगा ?आज एक अजीब सा अंधेरा फैल रहा है. ????️ गली-मोहल्ले वीरान हैं, आस-पास के घर खाली हैं.आज घरों में बच्चों की आवाज कम पति-पत्नी की आवाज ज्यादा सुनाई देती है. ★ लड़कियाँ 30-35 साल तक कुंवारी हैं. ★ लड़के 35 साल के बाद भी कुँवारें घूम रहे हैं. ★ देर से शादी ...फिर सम्बंध विच्छेद (तलाक) टूटते परिवार ...दुखी माँ-बाप. माता-पिता अकेले.. पूरी पीढ़ी खालीपन अनुभव करती है. ????????♀️ क्या हम इसे "पढ़ा-लिखा समाज" कहें या "स्वयं को नुकसान पहुँचाने वाला समाज" ????????♂️यह तो जनसंख्या कम करने की एक खामोश साज़िश है. ★ अगर 50 जोड़ों में सिर्फ़ एक ही बच्चा हो तो अगली पीढ़ी में सिर्फ़ नाममात्र के बच्चे होंगे. ???? अगर ऐसा ही चलता रहा, तो तीसरी पीढ़ी लगभग गायब हो जाएगी. ???? मोहल्ले,गलियाँ खाली पड़ी हैं.सब लोग रोड़ पर हैं. जीवन का आधा समय तो रोड़ पर ही बीत जाता है. ★ गाँव के गाँव खत्म हो रहे हैं. ★ शहरों में ऊँची इमारतें हैं, लेकिन संयुक्त परिवार प्रथा समाप्त हो गयी है. ???? नई बहुएं "सिर्फ़ एक ही बच्चा" चाहती हैं. ????????♀️ क्या यही समाज है ? ❓ क्या यही हमारे पुरखों की विरासत है ? ???? सच तो यह है, कि ....बच्चे अब प्यार की निशानी नहीं रहे.बल्कि बच्चे पैदा करना .. एक मजबूरी सी है. ⚖️ सबसे बड़ी गलती — लड़की के पिता की है, वही पिता जिसने 22-24 साल की उम्र में विवाह करके परिवार बसाया था. अब वही पिता 30 साल की उम्र तक अपनी बेटी का विवाह न करके बहादुरी दिखा रहे हैं. ???? परिणाम ???? लड़के और लड़कियाँ डिप्रेशन में जा रहे हैं. ???? आज बच्चों का सही समय पर विवाह नहीं हो रहा है, और न सही समय पर कोई नौकरी मिल रही है. ???? समाज धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है. ???? इसी कारण बच्चे समाज के साथ नहीं अकेले रहना पसंद करते हैं. यानी एकल परिवार यहाँ तक कि बच्चे भी नहीं चाहिए. ★देर से शादी करना ★देर से बच्चा करना, फिर एक बच्चे के बाद मेडिकल और लालन-पालन का बहाना करना. ????????♀️ यह आम बात हो गई है. हजारों जवान लड़के लड़कियाँ उम्र के कारण कुंवारे घूम रहे हैं. समाज के समझदार लोग चुप्पी साधे हुए हैं. ★ विवाह, परिवार, बच्चे – इन सब को बोझ समझा जा रहा है. ???? विवाह ... कोई दुनियावी बंधन नहीं यह घर परिवार और समाज का स्तम्भ है. ???? प्रजाति, सभ्यता और संस्कार को आगे बढ़ाने का एक तरीका है. ???? अब हम सब को समझने का समय आ गया है. ???? बच्चों को ‘हद से ज्यादा' आजादी दे कर हमने उनकी समझ छीन ली. ★ विवाह टलता रहा, और जब हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. फिर वही अकेलापन ????लड़के लड़कियों के लिए विवाह की सही उम्र लड़कों के लिए 22 से 25 साल से पहले और लड़कियों की 19 से 22 साल से पहले. ???? वर्ना इतिहास लिखेगा ... “वह हिंदू समाज, जिसने चुपचाप स्वयं को खत्म कर लिया.” सोचो और समझदारी दिखाओ. अपने बच्चों का विवाह समय पर कीजिये. ???? क्योंकि ... परिवार नहीं बचा, तो समाज को भी देर सवेर ध्वस्त होते देर नहीं लगनी है. यही कारण है ...डेविड सेलबॉर्न और बिल वार्नर जैसे लेखक यह कहने पर मजबूर हो जाते हैं , कि ★ इस्लाम के मज़बूत फैमिली सिस्टम की वजह से ...देर सवेर ... अधिकांश देश*◆ इस्लाम से हार जायेंगे. ◆* ★ भारत में भी हिन्दू परिवार परम्परा का पतन होना प्रारम्भ हो चुका है. रक्त के 5 रिश्ते समाप्त होने की कगार पर हैं. ताऊ, चाचा, बुआ, मामा मौसी जैसे रिश्ते आने वाले समय में देखने-सुनने को नहीं मिलने वाले हैं. इसे इस तरह समझा जा सकता है- पुत्र पुत्री 2 1 (मौसी X) 1 2 (चाचा, ताऊ X) 1 1 (चाचा, ताऊ, मौसी X) 1 0 X 0 1 X परिणाम 0 0 ★ सिंगल चाइल्ड फैमिली को उनका निर्णय तीसरी पीढ़ी याने जिनके आप ... दादा-दादी होंगे बुरी तरह प्रभावित करेगा.जिस दादा को मूल से अधिक ब्याज प्यारा होता है,उसका तो ....मूलधन भी समाप्त हो जाएगा. इसके लिए वह स्वयं उत्तरदायी है. इसलिए दम्पत्ति को सिंगल चाइल्ड के निर्णय पर गंभीरता से विचार करना होगा. यह घटती आबादी के आँकड़े बोल रहे हैं. यह विश्लेषण सरकारी आँकड़ों के अध्ययन से आ रहा है. आपका पौत्र या प्रपौत्र इस संसार में अकेला खड़ा होगा.उसे अपने रक्त के रिश्ते की आवश्यकता होगी तो इस पूरे ब्रह्मांड में उसका अपना कोई नहीं होगा. यह अत्यंत सोचनीय विषय है. ये न केवल हमारे बच्चों को एकाकी जीवन जीने को मजबूर करेगा बल्कि हमारी हिंदू परिवार सभ्यता को ही नष्ट कर देगा. हम जो हिन्दू एकता की बात करते हैं, ये तो सभ्यता ही समाप्त हो जाएगी.और इन सबके लिए हमारी वर्तमान पीढ़ी उत्तरदायी होगी. ★ अगर आप इस विषय को गंभीर समझते हैं तो इस समस्या पर विचार करें, घर परिवार में, पति पत्नी के बीच, रिश्तेदारों में, दोस्तो में एवं विभिन्न बैठकों एवं आयोजनों में इस विषय पर मंत्रणा करें. * अपनी सभ्यता, संस्कार औऱ पीढ़ियों को बचाये
.................................................. 28 मई से गर्मी की लहर से कुछ राहत, लेकिन आंधी के साथ व्यापक बारिश के दौरान अपना ध्यान रखें। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 28 मई दोपहर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होगा और उसी दिन देर रात तक पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगा। 28 मई से 31 मई तक, 6-8 डिग्री सेल्सियस के तापमान में गिरावट के साथ, राज्य के अनेक हिस्सों में आँधी-तूफान एवं ओलावृष्टि के साथ व्यापक वर्षा होगी। 29 मई को इसका प्रभाव सर्वाधिक (वायु गति 80-90 किमी/घंटा से 100 किमी/घंटा के झोकों के साथ) तक पहुंचने की संभावना है। जिलाधिकारी द्वारा मीरजापुर के निवासियों से अपील की गई है कि आंधी, तूफ़ान, ओलावृष्टि अथवा आकाशीय विद्युत की स्थिति में तत्काल अपने निकटतम पक्की छत के नीचे सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा खुले में पेड़ अथवा असुरक्षित कच्चे घर/ टीनशेड के नीचे, जलाशयों के निकट अथवा घर के बाहर न रहें व यदि किसी वाहन से यात्रा कर रहे हों अथवा घर के बाहर हों तो वहीं रुककर निकटतम पक्की छत के नीचे सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं और किसी भी अपरिहार्य स्थिति में जनपद के नियंत्रण कक्ष / पुलिस से संपर्क करें जिलाधिकारी श्री पवन कुमार गंगवार एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री विशाल कुमार के द्वारा बताया गया कि आगामी दिवसों में भारत मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश स्तर पर कई जनपदों में एवं संभावित रूप से मीरजापुर में भी आंधी तूफान आने की एवं आकाशीय विद्युत गिरने की संभावना है , जिससे क्षति होने की संभावना है l उपरोक्त के दृष्टिगत में आम जनमानस हेतु निम्नवत सावधानियां बरतने से क्षति के न्यून होने की प्रबल संभावनाए हैं- आँधी तूफान के दौरान सावधानियों हेतु क्या करें- 1. टिन की छत, होर्डिंग, क्षतिग्रस्त मकान, पेड़, बिजली के खंभे एवं मोबाइल टावर से दूर रहें l 2. घर के बाहर या छत पर रखी हुई भारी वस्तुएं उड़ सकती हैं, इसलिये उन्हें बांधकर रख दें l 3. यात्रा कर रहे हैं तो सुरक्षित स्थान देखकर रुक जाएं l आँधी तूफान के दौरान सावधानियों हेतु क्या ना करें- 1. धारदार एवं नुकीली वस्तुओं को खुले में ना रखें l 2. धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें एवं पेड़ की शरण में ना जायें l आकाशीय विद्युत के परिप्रेक्ष्य में सावधानियों हेतु क्या करें- 1. पक्के मकान की शरण में चले जाएं l 2. खिड़की, दरवाजे एवं बरामदे से दूर रहें l 3. पेड़, मोबाइल टावर, बिजली के खंभों, कच्चे मकान, तालाब, जलाशय से दूरी बना कर रखें l 4. खराब मौसम में बच्चों को बाहर न खेलने दें, लोहे की खिड़की, दरवाजे व हैण्डपम्प आदि को न छुएं। 5. यदि खुले खेत में फंस गये हैं तो दोनों कानों को बंद कर पैरों को सटा लें तथा घुटनों का टेक लेकर उकड़ू बैठ जाएं l 6. वर्षा, आंधी तूफान, आकाशीय बिजली एवं बदलते मौसम का सटीक पूर्वानुमान देगा बहुउपयोगी सचेत एप एवं दामिनी एप जिससे कि प्रशासन, स्वयंसेवक तथा जागरुक लोगों द्वारा पूर्व चेतावनियों एवं अलर्ट को आम जनमानस तक समय से पहुचांकर आपदा से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। l गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है दामिनी ऐप एवं सचेत एप l आकाशीय विद्युत के परिप्रेक्ष्य में सावधानियों हेतु क्या ना करें- 1. पेड़ के नीचे ना खड़े हों l 2. दीवार के सहारे टेक न लगायें l 3. धातु युक्त नल एवं फ्रिज को ना छुएँ l 4. धातु से बने छाते का प्रयोग न करें l 5. घरों में चलने वाले भारी विद्युत उपकरणों को प्लग से अलग कर दें। 6. खुल वाहनों मेे सवारी न करें, बचाव के लिए जमीन पर न लेटें तथा तैराकी या नौकायन न करें।
..................................... मीरजापुर पुलिस दिनांकः28.05.2026 पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा जिलाधिकारी मीरजापुर से साथ ईद-उल-जूहा(बकरीद) पर्व को सकुशल एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने हेतु नगर क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए सम्बन्धित को दिया गया आवश्यक दिशा-निर्देश— अपर्णा रजत कौशिक पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा पवन कुमार गंगवार जिलाधिकारी मीरजापुर के साथ ईद-उल-जूहा(बकरीद) पर्व के अवसर पर ईदगाहों, मस्जिदों में अदा की जाने वाली नमाज को सकुशल एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने हेतु नगर क्षेत्र के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, इमामबाड़ा, कंतित सहित अन्य स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा ड्यूटीरत् अधिकारी/कर्मचारीगण को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये । जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को अक्षुण्ण बनायें रखने तथा आपसी भाई-चारे व सौहार्द को कायम रखते हुए पर्व को मनाने की अपील कर बकरीद पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई । इस दौरान अवांछित तत्वों के द्वारा किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने, सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने तथा त्योहार में वर्चुअली या प्रत्यक्ष रूप से गड़बड़ी करने वालों पर सतर्क नजर रखने के लिए सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेट्फार्मों पर लगातार निगरानी, साथ ही साथ जनपद के विभिन्न इलाकों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है । जनपदीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारीगण द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर पर्व को सकुशल एवं सौहार्दपूर्ण वातारण में सम्पन्न कराया जा रहा है
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