ट्रक के चपेट में आकर तीन श्रमिकों की मौत।
मीरजापुर : मड़िहान थाना क्षेत्र के मीरजापुर–सोनभद्र मुख्य मार्ग पर देवरी गांव के सामने सड़क किनारे स्थापित विंध्यवासिनी धर्म कांटा अब पूरी तरह “मौत का जाल” बन चुका है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की अनदेखी ने आखिरकार तीन युवकों की जान ले ली।
शनिवार शाम हुए भीषण हादसे में तीन बाइक सवार युवक मड़िहान थाना क्षेत्र के रामपुर तैतीस विजय( 35 ) व देवेंद्र (40 )व राजेश 38 की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों युवक अडानी ग्रुप की कंपनी में काम करते थे और ड्यूटी खत्म कर अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे देवरी कला गांव के सामने धर्म कांटा के पास पहुंचे, सड़क पर खड़े ट्रकों की लंबी कतार और अव्यवस्थित यातायात के कारण हादसे का शिकार हो गए।
यह पहला मामला नहीं है। महज तीन दिन पहले इसी स्थान पर एक डंपर ने कार सवार को टक्कर मार दी थी और मौके से फरार हो गया था। इस घटना के बाद घंटों जाम लगा रहा। हालांकि संयोग अच्छा रहा कि कार सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए थे, लेकिन यह हादसा भी बड़े खतरे की चेतावनी था।
इसके अलावा सोमवार को भी एक दुर्घटना में हसरा गांव निवासी जंगली यादव, जो विंध्याचल दर्शन के लिए जा रहे थे, डीजल टैंकर की चपेट में आ गए थे। उस समय उन्हें मामूली चोट आई थी, लेकिन उनकी बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले छह महीनों से धर्म कांटा के कारण भोर से लेकर सुबह 10 बजे तक सड़क पर ट्रकों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे रोजाना जाम जैसी स्थिति बनती है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब तक यहां आधा दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं, लेकिन न तो पुलिस ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही प्रशासन ने इस गंभीर समस्या को हल करने की कोशिश की।
शनिवार को हुई तीन युवकों की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते धर्म कांटा हटाने या ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कार्रवाई की गई होती, तो आज तीन जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
लगातार हो रही घटनाएं साफ संकेत दे रही हैं कि यह स्थान हादसों का हॉटस्पॉट बन चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी मूकदर्शक बने हुए हैं। अब सवाल यह है कि क्या तीन मौतों के बाद प्रशासन जागेगा, या फिर किसी और बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा
....................................... राजगढ़ क्रय केन्द्र पर व्यापारियों व बिचौलियों से गेंहू खरीद करने का किसानों ने लगाया आरोप। मीरजापुर: राजगढ़ कृषक विद्यालय के सामने स्थित क्रय केन्द्र पर गेहूं खरीद मे, केंद्र प्रभारी व कर्मचारियों के द्वारा व्यापारियों एवं बिचौलियों से गेंहू खरीद करने का आरोप किसानों ने लगाया है। किसानों का आरोप है की केंद्र प्रभारी द्वारा स्थानीय किसानों से गेंहू की खरीद न करके किसी तरह बिचौलियों के द्बारा किसानों से जुगाड़ करके प्राप्त खतौनी पर कमीशन लेकर गेहूं की खरीद की जा रही है । पूर्व क्रय केन्द्र प्रभारी की अनिमितता व लापरवाहियों के कारण विगत चार महिने पहले स्थानांतरण कर दिया गया था। नवागत क्रय केन्द्र प्रभारी के द्वारा कार्यभार संभालये ही अनिमितता, लापरवाही सामने आने लगी है। इस मामले में डिप्टी आरएमओ मीरजापुर व संबोधितो से गुहार लगया गया। लेकिन केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है।व्यापारियों द्वारा सस्ते दामों पर गेंहू खरीद कर केंद्र प्रभारी को कमीशन देकर केंद्र पर गेंहू की तौल आसानी से करा ले रहे है जबकि किसानों के द्वारा लाऐ गए गेंहू की तौल नहीं कराई जा रही है।किसान केंद्र का चक्कर लगाने के लिए मजबूर है। किसान ने बताया की गेंहू बेचने के लिए केंद्र पर गया तो केंद्र प्रभारी द्वारा बोरे का अभाव बताते हुए मई में गेंहू खरीद करने का आश्वासन दिया है । जबकि मौके पर केंद्र प्रभारी द्वारा व्यापारियों का गेंहू खरीदा जाता है। वही क्रय केन्द्र प्रभारी अक्सर क्रय केन्द्र से गायब रहते हैं। लघु व सीमांत किसानों की गेहूं खरीद न किऐ जाने पर व्यापारियों के गेहूं खरीद किऐ जाने पर वहां कर्मचारियों के द्बारा बताया जाता है कि इनका नंबर एक हफ्ते पहले से लगा है। गेहूं बिक्री के लिए कम से कम 10 दिन का इंतज़ार करना पडेगा।गेहूं की खरीद न किऐ जाने पर किसानों को घर वापस लौटना पड रहा है। समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना प्रदर्शन करने के मजबूर हो जायेगें।
.................................. रामलीला मैदान में गरजीं डॉ. पल्लवी पटेल, मड़िहान की सियासत में हलचल तेज मीरजापुर : मड़िहान विधानसभा क्षेत्र के कलवारी स्थित रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित जनसम्मेलन ने क्षेत्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। सिराथू से पहुंचीं डॉ. पल्लवी पटेल के मंच पर पहुंचते ही पूरा मैदान नारों और तालियों की गूंज से भर उठा। दूर-दराज़ गांवों से पहुंचे कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ ने सम्मेलन को एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. पल्लवी पटेल ने जाति आधारित जनगणना और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) इक्विटी 2026 लागू करने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय केवल नारों से नहीं बल्कि ठोस नीतियों से स्थापित होगा। जब तक समाज के हर वर्ग की वास्तविक संख्या सामने नहीं आएगी, तब तक संसाधनों और अवसरों का न्यायपूर्ण वितरण संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “यह सरकार जनता के किसी काम की नहीं है। आए दिन कहीं न कहीं महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार इन्हें रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि यूजीसी इक्विटी 2026 के नियमों को हर हाल में लागू करना पड़ेगा, ताकि शिक्षा और नौकरियों में पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को बराबरी का अधिकार मिल सके। राजनीतिक दृष्टि से यह सम्मेलन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह आयोजन मड़िहान विधानसभा क्षेत्र में हुआ, जिसे स्थानीय विधायक राम शंकर सिंह पटेल का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में इस जनसभा को क्षेत्र की बदलती राजनीतिक हलचलों के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अपना दल (कमेरावादी) के मड़िहान विधानसभा अध्यक्ष राधारमण सिंह ने बताया कि सम्मेलन को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने व्यापक तैयारी की थी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि सामाजिक न्याय और अधिकारों के मुद्दों को लेकर जनता में गहरी जागरूकता है। कलवारी का रामलीला मैदान घंटों तक राजनीतिक नारों और जोशीले भाषणों से गूंजता रहा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह सम्मेलन केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि मड़िहान की सियासत में आने वाले समय के बड़े बदलाव की आहट भी माना जा रहा है।
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