News Express

सूदखोरों का आतंक और सौतेले रिश्तों की प्रताड़ना ने बनाया राहुल को कातिल मीरजापुर / मड़िहान

सूदखोरों का आतंक और सौतेले रिश्तों की प्रताड़ना ने बनाया राहुल को कातिल

मीरजापुर / मड़िहान

पूरे कस्बे को झकझोर देने वाले डबल मर्डर केस के पीछे जो परतें खुल रही हैं, वे न सिर्फ खौफनाक हैं बल्कि समाज के उस स्याह चेहरे को भी उजागर करती हैं, 
जहां कर्ज, लालच और पारिवारिक द्वेष इंसान को हैवान बना देता है। इस दोहरे हत्याकांड का आरोपी राहुल गुप्ता खुद भी लंबे समय से मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक प्रताड़ना का शिकार रहा।
सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार राहुल गुप्ता ने क्षेत्र के कई सूदखोरों से लाखों रुपये कर्ज ले रखा था। ऊंचे ब्याज और रोज़-रोज़ की तकादे से परेशान होकर उसने अपने हिस्से में मिले महज आठ फीट के कमरे को भी बेच दिया, लेकिन फिर भी कर्ज का बोझ कम नहीं हुआ। सुबह-शाम सूदखोर उसके दरवाजे पर दस्तक देते, गालियां देते और पैसे की मांग करते रहे। यह सिलसिला उसकी जिंदगी को धीरे-धीरे नर्क बना चुका था।
दूसरी ओर, घर के भीतर भी उसे सुकून नसीब नहीं था। सौतेली मां और सौतेले भाई की प्रताड़ना ने उसके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया। जिस छोटे से कमरे में वह रहता था, वहां की बिजली कटवा दी गई। घर के भीतर बने शौचालय पर ताला जड़ दिया गया और नल में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। बुनियादी जरूरतों से वंचित राहुल मानसिक रूप से टूटता चला गया।
कस्बे वालों का कहना है कि बीते एक महीने से राहुल पूरी तरह विचलित था। वह ज्यादातर समय अपने कमरे में ही बिताता था, बातचीत कम करता, न ही किसी से कोई लगाव रखता था। उसकी आंखों में खामोशी थी और चेहरे पर गहरी बेचैनी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना से करीब दस दिन पहले सौतेली मां की बेटी और दामाद भी घर पर आकर डेरा जमाए हुए थे। घटना वाले दिन वे दोनों अपने घर चले गए। घर सुनसान हुआ, भीतर दबी हुई नफरत, अपमान और मानसिक तनाव ने खतरनाक रूप ले लिया। उसी रात राहुल ने वह कदम उठा लिया, जिसने पूरे मड़िहान को दहला दिया। आज हालात यह हैं कि जिस दरवाजे पर कभी सूदखोर पैसे की तकादे के लिए सुबह-सुबह खड़े रहते थे, अब उधर देखने की भी किसी में हिम्मत नहीं बची है। डबल मर्डर की यह वारदात सिर्फ दो जिंदगियों के खत्म होने की कहानी नहीं, बल्कि उस सामाजिक तंत्र पर भी सवाल है, जहां सूदखोरी और पारिवारिक अत्याचार मिलकर इंसान की सोच, समझ और संतुलन छीन लेते हैं। जब इंसान चारों ओर से टूट जाता है, तो कभी-कभी वह खुद भी वही बन जाता है, जिससे समाज सबसे ज्यादा डरता है

........................................... कंटेनर और कार में एक्सीडेंट एक की महिला की मौत जनपद- भदोही थाना गोपीगंज थाना गोपीगंज क्षेत्र अंतर्गत राजपूत ढ़ाबा के पास NH-19 पर कंटेनर और कार में एक्सीडेंट होने से एक महिला की मृत्यु हो जाने के संबंध में दिनांक 16.01.2026 समय करीब 01:15 बजे गोपीगंज क्षेत्र अंतर्गत राजपूत ढ़ाबे के पास NH-19 ओवर ब्रिज पर वाराणसी-प्रयागराज लेन पर अर्टिगा कार UP 65 LT 3753 जो रॉंग साइड से वाराणसी जा रही थी एवं कंटेनर HR 69 G 9933 जो वाराणसी से प्रयागराज (अपनी साइड से) जा रहा था, का आमने-सामने टक्कर हो गया जिसमें कार सवार एक महिला अंजलि त्रिपाठी पत्नी रविंद्र त्रिपाठी उम्र 35 वर्ष निवासी आवास विकास कॉलोनी निकट काली मंदिर थाना लालपुर पांडेपुर जनपद वाराणसी की मौके पर मृत्यु हो गई तथा अन्य घायल व्यक्तियों को सीएचसी गोपीगंज लाया गया। स्थानीय पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा सहित अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। मौके पर कानून एवं यातायात व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।

News Image

........................................ लव जेहाद की शिकार करोडपति महिला भीख मांगने को मजबूर .....फिर सड़क पर लावारिस मौत..बेटी सरकारी निराश्रित गृह में पल रही... हिन्दू पति की मौत के बाद मुस्लिम के संपर्क में आई । उसने इस्लाम कुबुल करवाया , निकाह किया फिर पूरी प्रॉपर्टी हड़प करके महिला को घर से निकाल दिया । फिर वह सड़कों पर भीख मांगती रही , कभी रैन बसेरे में सोती । अंततः भीख मांगते मांगते सड़कों पर ही मर गई। कभी महंगी गाड़ियां में घूमते हुए रईस जिंदगी जीने वाली इस महिला को गुरुवार को यहां निराश्रित गृह में पल रही उसकी नौ वर्षीय बेटी ने मुखाग्नि दी तो हर कोई भाग्य के ऐसे फैसले पर चर्चा कर रहा था। पालनपुर गुजरात से मृतका की बहन व भाणेज भी यहां पहुंचे। उन्होंने महिला की दुःख भरी कहानी सुनाई तो सभी की आंखें छलक गई। मंडार आबूरोड (सिरोही) निवासी गुलाब कंवर उर्फ आसमा खां तीन दिन पूर्व सुखाड़िया सर्किल पर घायलावस्था में मिली थी। अस्पताल लाने पर उसने दम तोड़ दिया। गुरुवार को पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को अन्तिम संस्कार करवाया। निराश्रित गृह में पल रही उसकी नौ वर्षीय बेटी नै मुखाग्नि दी। मृतका की बड़ी बहन गीता ने बताया कि मंडार निवासी गुलाब की शादी 25 वर्ष पूर्व आबूरोड में एक सम्पन्न परिवार में हुई थी। उसके पास करोड़ों की सम्पत्ति थी। विवाह के बाद उसके दो पुत्रियां हुई। बड़ी बेटी 21 एवं छोटी 9 वर्ष की है। 7 वर्ष पूर्व पति की मौत के बाद वह बड़ी बेटी को पढ़ाने के लिए जयपुर ले गई थी। कुछ साल पहले यह परिवार उदयपुर घूमने आया था, जहां पर शाकिर नाम के एक लड़के साथ जान-पहचान हो गई। गीता ने आरोप लगाया कि उसने सम्पत्ति हड़पने के लिए गुलाब से निकाह कर लिया और बाद में उसे नशे का आदी बना दिया। इस बीच उसने बड़ी पुत्री का उदयपुर में ही किसी मुस्लिम युवक से निकाह करवा दिया। कुछ समय के बाद जब गुलाब बीमार हुई तो शाकिर ने उसकी सारी सम्पत्ति हड़पत हुए उसे पुत्री सहित घर से निकाल लिया। नशे की आदी हो चुकी गुलाब कंवर अस्पताल परिसर में भिक्षा मांगकर जीवन गुजारने लगी। बाद में पता चलने पर सीडब्ल्यूसी ने बच्ची को मीरा निराश्रित गृह में रखवाते हुए उसका स्कूल में दाखिला करवाया..... जोश में होश खोने का नातिजा कितना बुरा होता है.. ऐसे हजारों लाखों लड़कियां लव जिहाद में प्यार के भूत में फंसकर रेड लाइट एरिया पहुंच जाती हैँ.. बहुत सारी खाड़ी देशो में बेच दी जाती हैँ.. बहुत सारी घर में कैद करके सामूहिक प्रताड़ित की जाती हैँ.. कुछ मानव तस्करी अंग तस्करी के काम आती हैँ.. लेकिन इतनी घटनाओ के बाद मूर्खो की आंख नहीं खुलती... सबसे अलग ही रहता है इनका अब्दुल.

News Image

....................................... जिसे जानवर का मांस समझकर फेंका, वो इंसान का निकला –––––

2023 © DL NEWS. All Rights Reserved.