शुक्रवार, 09 जनवरी 2026 के मुख्य समाचार
................ क्रिप्टो करेंसी इनकम टैक्स विभाग ने भी क्रिप्टोकरंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल असेट्स (VDA) से जुड़े बड़े खतरों की ओर इशारा किया है रिजर्व बैंक (RBI) की तरह टैक्स विभाग ने भी भारत में इन करंसी की एंट्री का कड़ा विरोध किया है TOI के मुताबिक, संसद की फाइनैंस कमिटी के सामने एक प्रेजेंटेशन देते हुए टैक्स अधिकारियों ने बताया कि क्रिप्टो के जरिए बिना किसी बैंक या सरकारी बिचौलिए के तुरंत पैसे एक से दूसरी जगह भेजे जा सकते हैं इसमें पहचान छिपी रहती है और सरहदों की कोई पाबंदी नहीं होती। सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने बताया कि इसी वजह से इस पूरे सिस्टम पर नजर रखना बहुत मुश्किल है इसके अलावा, विदेशी एक्सचेंज, प्राइवेट डिजिटल वॉलेट और डीसेंट्रलाइज्ड प्लैटफॉर्म्स की वजह से अधिकारियों के लिए यह पता लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है कि टैक्स के दायरे में आने वाली कमाई कितनी है इसमें असली मालिक की पहचान आसानी से नहीं हो पाती, जिससे पूरी संपत्ति और लेनदेन पारदर्शी नहीं रहते टैक्स विभाग ने विदेशी क्रिप्टो ट्रांजेक्शन में आने वाली कानूनी दिक्कतों का भी जिक्र किया चूंकि इसमें कई देश शामिल हो सकते हैं, इसलिए पैसों के लेनदेन की जांच करना और बकाया टैक्स वसूलना लगभग नामुमकिन हो जाता है
............... कानपुर कानपुर गैंगरेप का मामला महिला आयोग ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट बबीता सिंह ने घटना को बताया दर्दनाक 'जल्द पकड़ा जाएगा 'दरिंदा' दरोगा' ................... दिल्ली बरसात सुबह-सुबह बारिश ने दिल्ली-NCR में बढ़ाया सर्दी का सितम, 5 डिग्री तक गिरा तापमान उत्तर भारत में घने कोहरे और शीतलहर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है इस बीच बारिश ने और ज्यादा खेल बिगाड़ दिया है सुबह-सुबह हल्की बारिश होने से दिल्ली और आस-पास के इलाकों में ठंड का सितम बढ़ गया है दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर चलने वाली प्रीमियम ट्रेनें जैसे तेजस राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस भी कोहरे की गिरफ्त में हैं आज एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 16 घंटे की देरी से चल रही हैं
,............................. Adani-Embraer Deal: भारत में पहली बार बनेंगे हवाई जहाज, अडानी ग्रुप ने ब्राजील की कंपनी के साथ मिलाया हाथ एयरपोर्ट्स खरीदने के बाद अब एयरक्राफ्ट भी बनाएंगे अडानी! ब्राजील की कंपनी से मिलाया हाथ * भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागरिक उड्डयन नेटवर्क बन गया है * 2047 तक देश में हवाई अड्डों (एयरपोर्ट्स) की संख्या को वर्तमान लगभग 160-164 से बढ़ाकर 350-400 करना है * अगले 10 सालों में भारत को कम से कम 1800 से ज्यादा पैसेंजर एयरक्राफ्ट की जरूरत है * 2047 तक भारत के बेड़े में 3000 विमान हो सकते हैं, जिससे देश की विमानन क्षमता बढ़ेगी भारत उन चंद देशों की जमात में शामिल होने जा रहा है जहां एयरक्राफ्ट बनते हैं। अडानी ग्रुप और ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) ने इसके लिए आपस में हाथ मिलाया है। ■ इन हवाई जहाजों में 70 से 146 यात्री बैठ सकते हैं। ■ भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता एविएशन मार्केट है। ■ भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने 1,800 से ज्यादा विमानों का ऑर्डर दे रखा है। ■ सरकार चाहती है कि बड़ी विदेशी एविएशन कंपनियां भारत में अपने कमर्शियल एयरक्राफ्ट की फाइनल असेंबली लाइन स्थापित करें। ■ अडानी एयरोस्पेस ने ब्राजील में एम्ब्रेयर के साथ इस फाइनल असेंबली लाइन (FAL) के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत के 'मेक इन इंडिया' प्रोग्राम के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। ■ सरकार का मानना है कि इससे न केवल भारत में हवाई जहाज बनाने का एक पूरा इकोसिस्टम तैयार होगा, बल्कि इससे एयरबस और बोइंग जैसी बड़ी कंपनियां भी भारत में पूरी असेंबली लाइन लगाने के लिए प्रेरित होंगी। ■ वर्तमान में भारत में एम्ब्रेयर के लगभग 50 विमान कमर्शियल, डिफेंस और बिजनेस एविएशन में इस्तेमाल हो रहे हैं. कमर्शियल एयरलाइंस में फिलहाल स्टार एयर ही एम्ब्रेयर के विमानों का संचालन करती है. हालांकि, नए स्टार्टअप्स और क्षेत्रीय एयरलाइंस अब इन विमानों में दिलचस्पी दिखा रही हैं. ■ भारत 80 से 146 सीटों वाले विमानों के लिए एक बेहद बड़ा बाजार है. कंपनी का अनुमान है कि अगले 20 वर्षों में भारत को इस श्रेणी के करीब 500 विमानों की जरूरत पड़ेगी. ■ भारत में रीजनल एविएशन तेज़ी से बढ़ने वाला है. टियर II और टियर III शहरों में नए हवाई अड्डों के खुलने और उड़ान योजना के विस्तार से छोटे विमानों की मांग बढ़ेगी. दिल्ली और मुंबई में नए एयरपोर्ट्स बनने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने रूसी कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) के साथ एक बड़ी डील की। इसके तहत भारत में सुखोई सुपरजेट 100 यात्री विमान का उत्पादन करने पर सहमति बनी। तीन दशक बाद यह पहली बार होगा जब भारत में ही एक यात्री विमान का पूरी तरह से प्रोडक्शन होगा। अभी तक यात्री विमान के मामले में भारत की निर्भरता काफी हद तक बोइंग और एयरबस जैसी दिग्गज कंपनियों पर है। मगर रूस के साथ हुआ यह समझौता न केवल भारत के एविएशन सेक्टर, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों में भी बड़ा बदलाव लाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा था 2030 तक भारत में पहले विमान का उत्पादन शुरू हो जाएगा। .................................. SBI in Israel: भारत-इस्राइल के बीच रुपये में व्यापार को मिलेगा बढ़ावा; निर्यातकों को रूस की तर्ज पर इजरायल से मिलेगा रुपया भारत और इजरायल अपने संबंधों को और बेहतर बनाने में लगे हुए हैं। दोनों ही देशों के संबंधों की बुनियाद भरोसे पर टिकी हुई है। भारत और रूस के बीच 90% व्यापार रुपये-रूबल में, डॉलर को बड़ा झटका! * व्यापार का आकार: वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 68.7 बिलियन डॉलर रहा। * प्रमुख आयात (रूस से): कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, खनिज ईंधन, और कीमती धातुएं। * प्रमुख निर्यात (भारत से): कृषि उत्पाद (मछली, चावल, चाय, कॉफी), फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, इंजीनियरिंग सामान और मशीनरी। * लक्ष्य: 2030 तक 100 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य। * रणनीति: भारत ने रूस को निर्यात बढ़ाने के लिए 300 उच्च क्षमता वाले उत्पादों की पहचान की है। * निवेश: तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय निवेश बढ़ रहा है। भारत और रूस के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है, मुख्य रूप से भारत द्वारा रूस से ऊर्जा (तेल) की भारी खरीद के कारण, जिससे एक बड़ा व्यापार घाटा है। इन देशों संग भारत का मौजूदा समय में रुपये में कारोबार :आर्मेनिया, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, बेलारूस, बेल्जियम, बोत्सवाना, चीन, मिस्र, फिजी, जर्मनी, गुयाना, इंडोनेशिया, इस्रेल, जापान, केन्या, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, मालदीव, मॉरीशस, मैगनोलिया, म्यांमार, न्यूजीलैंड, ओमान, कतर, रूस, सेशेल्स, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, तंजानिया, संयुक्त अरब अमीरात, युगांडा, युनाइटेड किंगडम. भारत और इज़राइल के बीच व्यापार रणनीतिक और तकनीकी सहयोग पर आधारित है प्रमुख पहलू: * व्यापार का आकार: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि हुई है, जो 1992 के 200 मिलियन डॉलर से बढ़कर FY 2021-2022 में 7.86 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया. * मुख्य निर्यात (भारत से): रत्न और आभूषण, पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन. * मुख्य आयात (इज़राइल से): हीरे, उर्वरक (पोटाश), रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर. * रक्षा सहयोग: यह एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसमें इज़राइल भारत को उन्नत हथियार प्रणालियाँ, UAV और निगरानी तकनीक प्रदान करता है, जैसा कि कारगिल युद्ध के दौरान देखा गया था. * तकनीकी साझेदारी: सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन), साइबर सुरक्षा, चिकित्सा और IT जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है. * रुपये में व्यापार: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने तेल अवीव ब्रांच के माध्यम से रुपयों में व्यापार को बढ़ावा देना शुरू किया है, जो डॉलर पर निर्भरता कम करेगा. दोनों देश FTA को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, निवेश संधि (BIT) पर हस्ताक्षर हुए हैं और FTA वार्ता के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे व्यापार बाधाएं कम होंगी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. इजरायल में मौजूदगी रखने वाला एकमात्र भारतीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भारतीय रुपये में द्विपक्षीय व्यापार को सुविधाजनक बनाने की कोशिश कर रहा है। ■ 2026 में भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौता हो सकता है। ■ हाल ही में 40,000 से अधिक भारतीय कामगार इज़राइल के कार्यबल का हिस्सा बने हैं। ऐसे में SBI तेल अवीव शाखा द्वारा एनआरआई खाते खोलने की सुविधा ने भारत में पैसे भेजने और मंगवाने की प्रक्रिया को और सरल बना दिया है। इससे भारतीय प्रवासी समुदाय को सुरक्षित, तेज़ और किफायती बैंकिंग सेवाएँ मिल सकेंगी। रुपये में व्यापार की यह पहल न केवल दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करेगी, बल्कि भारतीय रुपये को वैश्विक मुद्रा तंत्र में भी अधिक प्रभावशाली बनाएगी। साथ ही यह भारत–इज़राइल रणनीतिक साझेदारी को व्यापार, रक्षा और निवेश के नए आयामों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2023 © DL NEWS. All Rights Reserved.