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खेलने के लिए पतंग लेने निकले 02 बालकों के रास्ता भटकने पर मीरजापुर पुलिस बनी सहारा, जिन्हें सुरक्षित परिजनों से मिलाया

खेलने के लिए पतंग लेने निकले 02 बालकों के रास्ता भटकने पर मीरजापुर पुलिस बनी सहारा, जिन्हें सुरक्षित परिजनों से मिलाया
                           
मीरजापुर 

थाना को0कटरा क्षेत्रान्तर्गत कृष्णनगर नटवां निवासी प्रदीप कुमार यादव द्वारा सूचना दी गई कि उनका बेटा रुद्र प्रताप यादव उम्र करीब-08 वर्ष अपने दोस्त कान्हा यादव उम्र करीब-12 वर्ष के साथ सुबह में समय करीब 10.00 बजे घर से पतंग लेने के लिए दुकान पर गए थे परन्तु काफी देर बाद भी वापस नहीं आए । उक्त सूचना पर थाना को0कटरा पुलिस द्वारा दोनों बालकों की खोजबीन करते हुए सूचना को व्हाट्सएप के माध्यम से ग्रुप में प्रसारित की गई थी । थाना को0कटरा की पुलिस चौकी शास्त्री ब्रिज पर तैनात मुख्य आरक्षी-जयप्रकाश कुमार को दोनों बालक मिलें, जिनसे मोबाइल नम्बर पूछकर परिजनों से संपर्क स्थापित कर चौकी पर बुलाकर दोनों बालकों को सकुशल सुपुर्द किया गया । दोनों बालकों को सुरक्षित पाकर परिजनों द्वारा प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मीरजापुर पुलिस को धन्यवाद दिया गया

................... लगभग साठ वर्षों से किराये के कमरे में चल रहा आयुर्वेदिक चिकित्सालय महोगढ़ी में भूमि आवंटन के बाद भी नहीं बना अस्पताल भवन ज्ञान दास गुप्त संवाददाता ड्रमंडगंज(मीरजापुर)। सुनने में अजीब सा लगेगा कि लगभग साठ वर्षों से आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज किराये के कमरे में चल रहा है।ड्रमंडगंज के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना साठ वर्ष पूर्व की गयी थी और उसे बीच बाजार में पाकड़ के पेड़ के नीचे स्थित एक किराये के कमरे में चलाया जाने लगा था। लगभग पच्चीस वर्षों तक उसी पाकड़ के पेड़ के पास उसी किराये के कमरे में चिकित्सालय चलता रहा।भवन स्वामियों का जब बंटवारा हुआ तो आयुर्वेदिक चिकित्सालय एक कच्चे खपड़ैल के मकान में किराए पर चलने लगा।कुछ वर्षों के बाद देवहट-खरका के आंगनबाड़ी भवन में आयुर्वेदिक अस्पताल को कर दिया गया।उसके बाद लगभग आठ वर्ष तक महोगढ़ी के पंचायत भवन में ड्रमंडगंज का आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला।इस बीच दर्जनों आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी ड्रमंडगंज के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में कार्यरत रहे किन्तु किसी ने भी आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज के लिए शासन -प्रशासन स्तर से भवन बनवाना उचित नहीं समझा। महोगढ़ी के पंचायत भवन से निकलने के बाद दुर्जनीपुर में किराए के कमरे में ड्रमंडगंज का आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला गया।इस समय राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज का नया ठिकाना महेशपुर के पंचायत भवन में है। बताया जाता है कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज के लिए महोगढ़ी ग्राम पंचायत में भूमि आवंटन कर दिया गया है और अब बजट के अभाव में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज का भवन नहीं बन पा रहा है। विभागीय अधिकारियों का ध्यान राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज की ओर आकर्षित कराया गया है।

............................ कई दशकों से किराये के कमरे में चल रहा आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज कई दशकों से क्षेत्र में आयुर्वेदिक चिकित्सालय किराए के मकान में चल रहा है प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग साठ वर्षों से आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज किराये के कमरे में चल रहा है।ड्रमंडगंज के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना साठ वर्ष पूर्व की गयी थी और उसे बीच बाजार में पाकड़ के पेड़ के नीचे स्थित एक किराये के कमरे में चलाया जाने लगा था। लगभग पच्चीस वर्षों तक उसी पाकड़ के पेड़ के पास उसी किराये के कमरे में चिकित्सालय चलता रहा।भवन स्वामियों का जब बंटवारा हुआ तो आयुर्वेदिक चिकित्सालय एक कच्चे खपड़ैल के मकान में किराए पर चलने लगा।कुछ वर्षों के बाद देवहट-खरका के आंगनबाड़ी भवन में आयुर्वेदिक अस्पताल को कर दिया गया।उसके बाद लगभग आठ वर्ष तक महोगढ़ी के पंचायत भवन में ड्रमंडगंज का आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला।इस बीच दर्जनों आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी ड्रमंडगंज के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में कार्यरत रहे किन्तु किसी ने भी आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज के लिए शासन -प्रशासन स्तर से भवन बनवाना उचित नहीं समझा। महोगढ़ी के पंचायत भवन से निकलने के बाद दुर्जनीपुर में किराए के कमरे में ड्रमंडगंज का आयुर्वेदिक चिकित्सालय चला गया।इस समय राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज का नया ठिकाना महेशपुर के पंचायत भवन में है। बताया जाता है कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज के लिए महोगढ़ी ग्राम पंचायत में भूमि आवंटन कर दिया गया है और अब बजट के अभाव में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज का भवन नहीं बन पा रहा है। विभागीय अधिकारियों का ध्यान राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय ड्रमंडगंज की ओर आकर्षित कराया गया है।

................ मटिहानी ग्राम प्रधान समेत परिवार का नाम वोटर लिस्ट से गया जीवितो के नाम हटाए मृतकों का रखा बरकरार एसडीम से किया शिकायत । राजगढ़ मिर्जापुर विकासखंड राजगढ़ के ग्राम पंचायत मटिहानी में 2026 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मतदाता सूची में विवाद खड़ा हो गया है वर्तमान प्रधान संतोष कुमार कुशवाहा ने आरोप लगाया है ।कि , मतदाता सूची में से प्रधान व उनके पूरे परिवार का नाम हटाया गया है । प्रधान संतोष कुमार ने शुक्रवार को मड़िहान एसडीएम को शिकायती पत्र सौपा। उन्होंने बताया कि पिछली सूची में उनका नाम क्रमांक 195 पर दर्ज था उनकी पत्नी संगीता देवी चाचा की पुत्री कुसुम ज्योति कुमारी और चाची फुलवंती के नाम भी सूची से हटा दिया गया है । प्रधान ने कहा कि उनके परिवार के अलावा गांव के दर्जनों अन्य मतदाताओं के नाम भी सूची से गायब है उन्होंने सुमन, सुनीता ,लाथी, मनोज, शांति देवी, चंद्रकला ,रामकेश ,राजेश, सविता, मोहन ,रिंकी ,सीमा, जगदीश, सुशीला ,प्रेमनाथ, सुषमा ,सरिता ,सीता ,सोनी, बलजीत ,और सुनीता ,सहित कई वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया।

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