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मीरजापुर BSA अनिल वर्मा और सदर नगर में SDM न्यायिक संजीव यादव ने संभाली SIR जागरूकता की कमान।

मीरजापुर BSA अनिल वर्मा और सदर नगर में SDM न्यायिक संजीव यादव ने संभाली SIR जागरूकता की कमान।

रतनगंज बूथ के BLO व टीम के साथ नगर भ्रमण कर SDM न्यायिक संजीव यादव, BSA अनिल कुमार वर्मा और सिटी खंड शिक्षा अधिकारी रविंद्र शुक्ल ने SIR फॉर्म भरवाने व मतदाताओं को प्रेरित किया

........... मीरजापुर कछवां में 2003 का वोटर लिस्ट न मिलने के कारण SIR फॉर्म भरने में हो रही है बडी परेशानी BLO कर रहे महज फॉर्मेलिटी डोर टू डोर जाकर फॉर्म नहीं भरवारा जा रहा है। जानकारी के अभाव में लोग फार्म को नहीं भर पा रहे हैं इसके साथ ही दो फॉर्म वितरण करना था लेकिन एक ही फार्म वितरण किए गए हैं अब कहा जा रहा फोटो स्टेट करा लिजिए। उच्चाधिकारीगण मामले को कृपया संज्ञान ले और घर-घर जो भी BLO जा रहे हैं उन्हें निर्देशित किया जाए कि जिनके फार्म भरे नहीं है उसको भरवाए क्योंकि सभी के पास इतनी जानकारी नहीं है कि वह खुद से भर ले

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............... बाबरी गिरते ही शाम तक UP सरकार गिरी और 2017 तक UP मे बहुमत नहीं मिला व उसी दिन 4 BJP शासित राज्यों मे कॉंग्रेस ने राष्ट्रपति शासन लगाया मोदी जी और योगी जी खुल कर क्यों नहीं बोलते आज उसका उत्तर इस पोस्ट से मिल जाएगा। जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। हिन्दुओं की कायरता और दोगलापंथी के कारण ही मोदी जी और योगी जी खुल कर नहीं बोलते हैं वो जानते हैं कि हिन्दू पैर पर कुल्हाड़ी नहीं मारता बल्कि कुल्हाड़ी पर अपना सिर ही मार लेता है। नब्बे के दशक में कल्याण सिंह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री बने, भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर पूरे भारत में रथ यात्राएं निकाली थी। उत्तर प्रदेश की जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ कल्याण सिंह को उत्तर प्रदेश की सत्ता दी; यानी खुल के कहा की जाओ मंदिर बनाओ। कल्याण सिंह बहुत भावुक नेता थे, सरकार बनने के बाद तुरन्त विश्व हिन्दू परिषद को बाबरी मस्जिद से सटी जमीन कार सेवा के लिए दे दी, संघ के हज़ारों कार सेवक साधू संत दिन रात उस जमीन को समतल बनाने में लगे रहते थे। सुप्रीम कोर्ट ये सब देख के बहुत परेशान था, सर्वोच्च न्यायालय ने कल्याण सिंह से साफ़ कह दिया की आपको पक्का यकीन हैं ना की ये हाफ पैंट पहने लोग सिर्फ यहाँ की जमीन समतल करने आये हैं ? मतलब की अगर आपके लोगों ने बाबरी मस्जिद को हाथ लगाया तो अच्छा नहीं होगा। कल्याण सिंह ने मिलार्ड को समझाया और बाकायदा लिख के एक हलफनामा दिया की हम लोग सब कुछ करेंगे लेकिन मस्जिद को हाथ नहीं लगायेंगे। तो साहब अयोध्या में कार सेवा के लिए दिन रखा गया 6 दिसंबर 1992 और केंद्र की कांग्रेसी सरकार से कहा कि केवल 2 लाख लोग आयेंगे कार सेवा के लिए लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने 5 लाख लोगों को कार सेवा के लिए बुला लिया प्रशासन को ख़ास हिदायत थी की भीड़ कितनी भी उग्र हो कोई गोली लाठी नहीं चलाएगा। 5 लाख लोग एक जगह जुट गए जय श्री राम और मदिर वहीं बनायेंगे के नारे लगने लगे । लोगों को जोश आ गया और लोग गुम्बद पर चढ़ गए 5 घंटे में उस 400 साल पुरानी मस्जिद का अता पता नहीं था, ऐसा काम कर दिया एक एक ईंट कार सेवकों ने उखाड़ दी। केंद्र सरकार के गृह मंत्री का फोन कल्याण सिंह के C.M. ऑफिस में आया, गृह मंत्री ने कल्याण सिंह से पूछा ये सब कैसे हुआ ? कल्याण सिंह ने कहा की "जो होना था वो हो गया अब क्या कर सकते हैं" ? एक गुम्बद और बचा है कार सेवक उसी को तोड़ रहे हैं, लेकिन आप जान लीजिये कि मै गोली नहीं चलाऊंगा (ये वाकया खुद कल्याण सिंह ने एक भाषण में बताया है) उधर सुप्रीम कोर्ट में मिलॉर्ड कल्याण सिंह से बहुत नाराज थे। 6 दिसंबर की शाम कल्याण सिंह ने इस्तीफा दे दिया और उधर काँग्रेस ने भाजपा की 4 राज्य की सरकार को बर्खास्त कर दिया, कल्याण सिंह को एक दिन की जेल हो गयी, केंद्र में नरसिम्हा राव जी सरकार थी; तुरंत में एक झटके से देश के 4 राज्यों में बीजेपी की सरकारों को बर्खास्त कर दिया गया।* उत्तर प्रदेश में दुबारा चुनाव हुए, बीजेपी को यही लगा की हिन्दुओं के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी देने के बाद उत्तर प्रदेश की जनता उन्हें फिर से चुनेगी लेकिन हुआ उलटा। बीजेपी उत्तर प्रदेश चुनाव हार गयी और फिर 2017 तक उसे पूर्ण बहुमत ही नहीं मिला। कल्याण सिंह जैसे बड़े और साहसिक फैसले लेने वाले नेता का कैरियर बाबरी मस्जिद विध्वंश ने खत्म कर दिया, 400 साल से खड़ी किसी मस्जिद को 5 लाख की भीड़ से गिरवाने के लिए 56 इंच का सीना चाहिए होता है जो वाकई में कल्याण सिंह के पास था। आज हम कहते हैं की मोदी और योगी हिंदुओं के पक्ष में खुल के नहीं बोलते ना ही खुल के मुसलमानों का विरोध करते हैं, क्यों करें वो ये सब खुल के? ताकि उनका भी राजनैतिक कैरियर खत्म हो जाये। आप बताइये की ऐसे स्वार्थी हिन्दू समाज के पक्ष में मोदी जी और योगी जी जैसे लोग खुल के कैसे बोलें क्या बोले और कहाँ तक इनके लिए लड़े ? अब किसान आंदोलन को ही देख लीजिए किस तरह से अंतरराष्ट्रीय साजिश के हाथों में कब्जे में था जिसको कोई हल नहीं चाहिये था। कोई धारा 370 खत्म कर सकता था नहीं बिलकुल भी नहीं। मोदी जी ने कर दिखाया। उसके बाद तो हिन्दू समाज को ऋणी होना चाहिए था लेकिन देख लो किस प्रकार से मोदी जी का विरोध हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर बना तो बदले में मोदी जी 300 से 240 पर आ गए वाराणसी से अपनी सीट -हारते हारते बचे, ये लोग नहीं जानते कि ऐसा करके और मजबूत हो रहे है मोदी जी क्योंकि देश अब इतना जागरूक हो चुका है कि सारा खेल समझ रहा है। ये फैसला हमें करना है, हिन्दू समाज को करना है, अगले 50 सालों तक 2014 एवं 2019 जैसी राजनीतिक स्थिति को बरकरार रखना होगा तभी देश बचेगा। क्योंकि जब देश ही नहीं बचेगा तो क्या करोगे इन कानूनों का। तभी आठ सौ सालों की गुलामी के दाग धब्बे धुल पाएंगे। मेरे इस पोस्ट को आप गर्व से शेयर और कॉपी कर सकते हैं ताकि जन जन तक ये संदेश पहुंचे और पोस्ट की सार्थकता सिद्ध हो।

......... अहरौरा क्षेत्र के कंचनपुर पहाड़ी में स्थित एक खदान पर मुंशी की मौत। ग्रामीणों ने किया हंगामा

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