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मिर्जापुर के अभिनेता विजय वर्मा ने बताया डिप्रेशन का दर्द, आयरा खान ने दिया सहारा
मिर्जापुर, मुंबई: मिर्जापुर सीरीज में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाले अभिनेता विजय वर्मा ने हाल ही में अपने डिप्रेशन के अनुभव का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन और कोरोना महामारी के दौरान उनका मानसिक स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था।
विजय वर्मा ने साझा किया कि लॉकडाउन के समय वह लगभग चार दिनों तक अपने सोफे पर हिले नहीं। अकेलेपन और चिंता ने उन्हें पूरी तरह से मानसिक दबाव में डाल दिया था। “मुंबई के एक अपार्टमेंट में अकेला रहना बहुत कठिन था। अगर उस समय मेरे पास बालकनी नहीं होती तो मैं और भी परेशान हो जाता,” उन्होंने कहा।
इस मुश्किल घड़ी में सुपरस्टार आमिर खान की बेटी आयरा खान और अभिनेता गुलशन देवैया उनके सबसे बड़े सहारे बने। आयरा ने विजय को वर्चुअल वर्कआउट और वीडियो कॉल के माध्यम से मानसिक और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विजय को सलाह दी कि वह थोड़ा बाहर जाए, धूप ले और हल्का व्यायाम करे।
विजय ने आगे बताया कि आयरा की मदद से उन्होंने एक थेरेपिस्ट से ऑनलाइन संपर्क किया और पाया कि उन्हें एंग्जायटी और डिप्रेशन है। नियमित योग, वर्कआउट और थेरेपी ने उनकी मानसिक स्थिति में सुधार किया और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी सामान्य जिंदगी और फिल्मी करियर में लौटने की क्षमता हासिल की।
इस खुलासे में विजय वर्मा ने यह संदेश भी दिया कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते विशेषज्ञ की मदद लेना बेहद जरूरी है।
..................... फसलों के अवशेष को खेतों में ना जलाएं , पहुंचता है नुकसान सहायक विकास अधिकारी कृषि विकासखंड राजगढ़ अंतर्गत कई ग्रामों में हार्वेस्टर से धान की कटाई होती है धान की कटाई में किसान भाइयों को एस एम एस लगवा करके कटवाना चाहिए जिससे कि पूरी तरह से जो पराली या अवशेष है छोटे-छोटे टुकड़ों में हो जाए जिससे कि खेत में सड करके जैविक खाद के रूप में काम करेगा वहीं पर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सहायक विकास अधिकारी कृषि संतोष कुमार कुशवाहा द्वारा ग्राम पंचायत धुरकर में हार्वेस्टर से हो रहे धान की कटाई को देखते हुए हार्वेस्टर चालक या हार्वेस्टर मलिक एवं किसान से संपर्क कर उनको बताया गया की जो पराली / अवशेष बच रहा है इसे जलाना नहीं है ,इसे अपने पशुओं को खाने के लिए उपयोग में ला सकते हैं ,साथ ही साथ अपने से अधिक होने की दशा में गौशाला में दान कर सकते हैं, या अपने सब्जी की खेती करने वाले कृषक को दे सकते हैं, या किसान स्वयं मल्चिंग का काम गर्मियों कि खेती में कर सकते है जिससे की नमी का भी संरक्षण करता है, साथ ही साथ खरपतवार का नियंत्रण भी करता है ,जिससे कि पैदावार भी अच्छी होती है ,और विशेष बात यह है की खेत की उपजाऊपन को बढ़ाता है अगर हम पराली को जला देते हैं तो वायु में प्रदूषण भी होता है, साथ ही साथ हमारे खेत भी खराब होता है ,एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पराली जलाने पर दंड का प्रावधान भी किया गया है जिसमें दो एकड़ तक का ₹2500 ,और 2 से 5 एकड़ तक का₹5000 ,और 5 एकड़ से अधिक वालों का₹10000 होने का प्रावधान है जिसे हम सभी किसान भाइयों को जानना चाहिए और समझ कर कार्य करना चाहिए जिससे इस प्रकार समस्या कि स्थिति उत्पन्न ना हो
....................... ब्रेकिंग न्यूज़ मिर्जापुर लालगंज थाना क्षेत्र के चिरूई राम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो क्लिनिको को सील किया जिसमें एक क्लीनिक संचालक आधे घंटे बाद ही क्लीनिक का ताला खोल अपनी दुकानदारी चालू कर दी ताला खोलते समय पूछने पर की कैसे खुला कितनी अकड़ से कह रहा है की जा करके सीएमओ से पूछो इस घटना से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी तरीके से ड्रमंडगंज क्षेत्र के रतेह चौराह पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा एक हफ्ते पहले छापा मार कर दो क्लिनिक को सिज किया गया था व ड्रमंडगंज में एक क्लीनिक को सिज किया गया था लेकिन स्वास्थ्य विभाग को जाते ही फिर झोलाछाप डॉक्टरों के द्वारा क्लीनिक चालू कर दिया गया। इससे स्वास्थ्य विभाग के ऊपर से लोगों का विश्वास हटने लगा है की शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के टीम के द्वारा क्लिनिक को दोबारा चालू करवा दिया जाता है।
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