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पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में मासिक अपराध एवं कानून व्यवस्था के मद्देनजर जनपदीय पुलिस अधिकारीगण के साथ की गयी अपराध गोष्ठी 

पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में मासिक अपराध एवं कानून व्यवस्था के मद्देनजर जनपदीय पुलिस अधिकारीगण के साथ की गयी अपराध गोष्ठी 

मिर्जापुर “सोमेन बर्मा” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में जनपदीय पुलिस अधिकारीगण के साथ मासिक अपराध एवं कानून व्यवस्था के दृष्टिगत समीक्षा गोष्ठी की गयी । इस दौरान ''ऑपरेशन क्लीन'' के तहत थानों पर लम्बित माल, लावारिस वाहनों का सम्बंधित रजिस्टरों में अध्यावधिक करने व अभियान के तहत अधिक से अधिक मालों का नियमानुसार विधिक निस्तारण,जघन्य अपराधों से सम्बन्धित अभियोगों की विवेचनात्मक कार्यवाही व विवेचना के दौरान एसआईडी का निर्माण करना एवं वांछित अभियुक्तो की गिरफ्तारी, मादक पदार्थों, अवैध/अपमिश्रित शराब व नशीले पदार्थों के रखने व बेचने वालों तथा गो-तश्करों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान एवं शराब माफिया, भू माफिया, वन माफिया व खनन माफिया के विरुद्ध कार्यवाही करने, महिला संबंधी अपराधों में अभियुक्तों के विरूद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही तथा हिस्ट्रीशीटर/गैंगेस्टर एक्ट में 14 (1) की कार्यवाही, गैंगस्टर अधिनियम एवं गुंडा अधिनियम की कार्यवाही व टॉप-10 अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया । शासन द्वारा चलाये जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला पुलिसकर्मी, एंटी रोमियों टीम व शक्ति दीदी/महिला बीट आरक्षियों द्वारा गांवो/मोहल्लों में जन चौपाल लगाकर तथा स्कूल/कॉलेजों/कोचिंग संस्थानों में महिलाओं एवं बालिकाओं को उनकी सुरक्षा, सम्मान, स्वावलम्बन के प्रति तथा उन्हे सुरक्षित परिवेश की अनुभूति, जन-जागरूकता, आत्मरक्षा के बारे में, विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों सहित साइबर अपराधों के बारें में जन जागरूकता के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी दी गई । पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत अधिकाधिक सजा कराये जाने हेतु तथा मा0न्यायालय में चार्जशीट, एफआर का दाखिला, मालों का निस्तारण तथा मुकदमों खासकर महिला सम्बन्धित अपराध के मुकदमों के निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया । पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म जैसे मुकदमों की विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया । जनपद मीरजापुर में समस्त थानों पर साइबर क्राइम टीम द्वारा साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु जनजागरुकता अभियान चलाकर विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों के सम्बन्ध में जागरूक करें । इस दौरान उन्होने कहा कि थाने पर आने वाले पीड़ितों के साथ सद् व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का निस्तारण निष्पक्षता से करने हेतु निर्देशित किया गया ।  जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था सहित यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनायें रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल के साथ अपने क्षेत्र महत्वपूर्ण/सार्वजनिक स्थलों, प्रतिष्ठानों, रोड़वेज व रेलवे स्टेशन सहित बाजरों व भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सतत् रूप से फुट पेट्रोंलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों/वस्तुओं/वाहनों की चेकिंग करने के निर्देश दिये गये । 
     ईनामिया अपराधियों पर नकेल लगाने हेतु समुचित विधिक कार्यवाही निगरानी व चेकिंग, पुराने अपराधियों व हिस्ट्रीशीटरों की कड़ी निगरानी व चेकिंग, गुमशुदा व्यक्तियों, दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों में प्राथमिकता के आधार पर अभियोग करने, चरित्र सत्यापन पासपोर्ट सत्यापन तथा शस्त्र लाइसेंस की रिपोर्ट शीघ्र प्रेषित करने, ITSSO पोर्टल, सीएम डेस बोर्ड, आईजीआरएस एवं अन्य शिकायती प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण किये जाने के संबंध में, मा0 न्यायालय द्वारा निर्गत सम्मन, वारण्ट, बीडब्ल्यू, एनबीडब्ल्यू का शत् प्रतिशत समयबद्ध तामिला कराये जाने के संबंध में पुराने अभियोगों के तत्काल निस्तारण के संबंध में समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए । अपराध गोष्ठी की समीक्षा के दौरान निरीक्षक सदानन्द सिंह, प्रभारी निरीक्षक को0देहात मीरजापुर का कार्य सराहनीय पाया जाने पर “सोमेन बर्मा” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया ।
                           उक्त गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक सहित जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षगण व शाखा प्रभारीगण, आबकारी अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहें ।

.............. आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ जल कर हुआ खाक चार लोग गंभीर रूप से घायल एक की मौत ड्रामड गंज प्रकृति जब अपने रौद्र रूप से आती है तो इंसान कितना बेबस होता है इसकी झलक क्षेत्र में देखने को मिली आकाशीय बिजली गिरने से चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और एक की मौत हो गई तथा एक पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरने से जलकर खाक हो गया प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के पवारी गांव के निवासी राम सजीवन विश्वकर्मा खेत में काम कर रहे थे उसी समय आकाशीय बिजली गिरी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और खेत में ही मौत हो गई हथेरा गांव के 14 वर्षी लड़की जीनस और मडवा धनवाल गांव के शिवकुमार मौर्य और उनके पुत्र आलोक पेड़ के नीचे खड़े थे आकाशीय बिजली गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए स्थानीय बाजार में पुराने सेल टैक्स बैरियर के पास बासा के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी पेड़ के कई टुकड़े 100 से 50 फीट की दूरी पर गिरे और पेड़ जलकर खाक हो गया प्रकृति के इस रौद्र रूप को देखकर आम जनमानस का हृदय दहल गया है

.................. शिवाला महंत मंदिर प्रकरण..!! मिर्ज़ापुर: शिवाला महंत मंदिर की जमीन पर कब्जा मामले में राजबहादुर सिंह ने कहा मंदिर की जमीन से हमारा कोई मतलब नही है।मंदिर की जमीन को लेकर दो परिवारों के बीच लड़ाई है।वह दोनों समझे। मेरे मामले में जो कोर्ट ने आदेश दिया है।उसी आदेश के क्रम में हम है।हमारे पास कोर्ट का आदेश है जमीन के सभी कागजात मौजूद है।

..................... योगी सरकार का बड़ा फैसला, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन अब आउटसोर्सिंग होगी अधिक पारदर्शी, कर्मचारियों को मिलेगा पूरा मानदेय मासिक वेतन के साथ ही पीएफ और ईएसआई खातों में सीधे जाएगा पैसा आउटसोर्सिंग कर्मियों के हितों के लिए योगी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन विभाग की बजाए अब निगम द्वारा किया जाएगा निगम जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से करेगा एजेंसी का चयन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए 16 से 20 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय निर्धारित प्रावधान के तहत 3 साल तक विभाग में अपनी सेवा प्रदान कर सकेंगे कर्मचारी लखनऊ, 2 सितंबर। योगी सरकार ने प्रदेश में आउटसोर्सिंग सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कुल 15 प्रस्तावों को स्वीकृति दी, जिसमें कम्पनीज एक्ट-2013 के सेक्शन-8 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड के गठन को मंजूरी देना भी शामिल रहा। यह एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी होगी, जिसे नान-प्रॉफिटेबल संस्था के रूप में संचालित किया जाएगा। इसके माध्यम से अब आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन सीधे विभाग नहीं करेंगे, बल्कि निगम जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से एजेंसी का चयन करेगा। आउटसोर्स कर्मचारियों का चयन तीन वर्ष के लिए किया जाएगा। कर्मचारियों को 16 से 20 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया गया है। इस निर्णय के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक कर्मचारी को उसका पूरा हक मिले और उसका भविष्य सुरक्षित रहे। यह निर्णय न केवल लाखों युवाओं को बेहतर अवसर देगा, बल्कि प्रदेश में रोजगार और सुशासन का नया मॉडल भी स्थापित करेगा। क्यों जरूरी था निगम का गठन प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों और संस्थाओं में लंबे समय से आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से बड़ी संख्या में कार्मिक सेवाएं प्रदान कर रहे थे। लेकिन, लगातार यह शिकायतें सामने आ रही थीं कि उन्हें सरकार द्वारा स्वीकृत मानदेय का पूरा भुगतान नहीं मिल रहा। साथ ही ईपीएफ, ईएसआई जैसी अनिवार्य सुविधाओं का नियमित अंशदान भी कई बार एजेंसियों द्वारा नहीं किया जाता था। इन अनियमितताओं को खत्म करने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए यह निगम गठित किया गया है। ऐसी होगी नई व्यवस्था ▪️अब आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन सीधे विभाग नहीं करेंगे, बल्कि निगम जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से एजेंसी तय करेगा। ▪️कर्मचारियों का मानदेय 16 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। ▪️आउटसोर्स कर्मचारियों से महीने में 26 दिन सेवा ली जा सकेगी। ▪️कर्मचारी तीन वर्षों के लिए अपनी सेवाएं दे सकेंगे ▪️कर्मचारियों का वेतन 1 से 5 तारीख तक सीधे उनके खातों में जाएगा। ▪️ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान अब सीधे कर्मचारियों के खाते में जाएगा, पहले यह राशि सर्विस प्रोवाइडर के पास चली जाती थी। ▪️किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सेवा तुरंत समाप्त की जा सकेगी। ▪️आउटसोर्सिंग के लिए चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार का प्रावधान किया गया है। इससे बेहतर गुणवत्ता वाले और योग्य कार्मिकों की नियुक्ति सुनिश्चित होगी। सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण का प्रावधान वित्त मंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था में संवैधानिक प्रावधानों के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक और महिलाओं को नियमानुसार आरक्षण मिलेगा। महिलाओं को मैटरनिटी लीव का भी अधिकार दिया जाएगा। कर्मचारियों की कार्यक्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर 15 हजार रुपये अंतिम संस्कार सहायता के रूप में दिए जाएंगे। बॉक्स कानपुर और लखनऊ में नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर संचालित होंगी ई-बसें लखनऊ। नगरीय परिवहन को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। योगी कैबिनेट ने जनपद लखनऊ, कानपुर नगर तथा उसके समीपवर्ती महत्वपूर्ण कस्बों में ई-बसों को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (एनसीसी) मॉडल पर संचालित करने का निर्णय लिया है। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि अभी तक प्रदेश के 15 नगर निगमों में 743 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं, जिनमें से 700 बसें ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर हैं। इस योजना के अंतर्गत लखनऊ और कानपुर नगर समेत आस-पास के कस्बों में 10-10 रूटों पर 9 मीटर लंबी एसी ई-बसें चलाई जाएंगी। प्रत्येक रूट पर कम से कम 10 बसें अनिवार्य होंगी। कॉन्ट्रैक्ट की अवधि वाणिज्यिक संचालन तिथि से 12 वर्ष की होगी। अनुमान है कि प्रत्येक रूट पर करीब ₹10.30 करोड़ का व्यय आएगा, जिसमें से ₹9.50 करोड़ बसों की खरीद पर और ₹0.80 करोड़ चार्जिंग उपकरणों व अन्य आवश्यक साधनों पर खर्च होंगे। प्रावधान के तहत, बसों का डिजाइन, वित्तपोषण, खरीद, निर्माण, आपूर्ति और अनुरक्षण की जिम्मेदारी निजी ऑपरेटर निभाएंगे। उन्हें 90 दिनों के भीतर प्रोटोटाइप ई-बस उपलब्ध करानी होगी और एक वर्ष के भीतर बस संचालन शुरू करना होगा। सभी किराया एवं गैर-किराया राजस्व का संग्रह निजी ऑपरेटर करेंगे। टैरिफ निर्धारण सरकार द्वारा किया जाएगा, जिसे समय-समय पर संशोधित किया जा सकेगा। साथ ही सरकार परिवहन विभाग और आरटीओ/आरटीए से आवश्यक लाइसेंस और परमिट जारी करेगी। ई-बसों के संचालन के लिए सरकार बिहाइंड-द-मीटर विद्युत अवसंरचना और अपॉर्चुनिटी चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। सरकार का मानना है कि इस मॉडल से सरकारी वित्तीय बोझ में कमी आएगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। बॉक्स योगी कैबिनेट ने निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 को दी मंजूरी लखनऊ। लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर निर्यात हब बनाने की दिशा में योगी कैबिनेट ने निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंजूरी दे दी है। नई नीति में 2020-25 की निर्यात नीति में सुधार करते हुए डिजिटल तकनीकी, अवसंरचना विकास, वित्तीय सहायता, निर्यात ऋण और बीमा, बाजार विस्तार, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया गया है। नीति का लक्ष्य वर्ष 2030 तक पंजीकृत निर्यातकों की संख्या में 50 प्रतिशत वृद्धि करना और सभी जनपदों को निर्यात गतिविधियों से जोड़कर क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश का निर्यात न केवल गुणात्मक रूप से बढ़ेगा बल्कि उत्तर प्रदेश को एक सशक्त ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। बॉक्स शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति लखनऊ। योगी कैबिनेट ने शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इसके लिए मुमुक्ष आश्रम ट्रस्ट की शैक्षणिक इकाइयों को उच्चीकृत किया जाएगा। वर्तमान में ट्रस्ट के अंतर्गत 5 संस्थान संचालित हैं—स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज, स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय, श्री दैवी सम्पद ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय, श्री धर्मानन्द सरस्वती इंटर कॉलेज और श्री शंकर मुमुक्ष विद्यापीठ। विश्वविद्यालय बनने के बाद इनका संचालन विश्वविद्यालय करेगा। जिलाधिकारी शाहजहांपुर की रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट के पास कुल 21.01 एकड़ भूमि है, जिसमें से लगभग 20 एकड़ जमीन विश्वविद्यालय को मिलेगी। पहले चरण में उच्च शिक्षा विभाग और मुमुक्ष आश्रम ट्रस्ट के बीच एमओयू होगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के तहत औपचारिक कार्यवाही पूरी की जाएगी। Keywords: UP Government, Outsourcing Corporation, Transparent Recruitment, Employees Welfare, NCC Model, E-Buses, Export Promotion Policy, Global Export Hub, Shahjahanpur University, Higher Education Hashtags: #UPGovt #Outsourcing #Transparency #EmployeesWelfare #EBuses #SmartTransport #ExportPolicy #GlobalHub #HigherEducation #UPDevelopment

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