प्रेस विज्ञप्ति-2 दिनांक : 01.09.202
दक्षिण अफ्रिका के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल का बरेका दौरा
दक्षिण अफ्रिका के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल ने मेसर्स सिको अफ्रिका इनर्जी एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर, दक्षिण अफ्रिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शिवप्रगसेन नायडू के नेतृत्व में बरेका में लोको निर्माण की सुविधाओं एवं क्षमताओं का जायजा लेने के लिए दिनांक 01.09.2025 को बनारस रेल इंजन कारख़ाना का दौरा किया। दक्षिण अफ्रिकी प्रतिनिधि मण्डल के बरेका आगमन का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेल में सेवारत 3100 अश्व शक्ति ब्रॉड गेज अल्को लोकोमोटिव को केप गेज में परिवर्तन के उपरांत खरीदना है। जिसके लिए प्रतिनिधि मण्डल ने लोको की तकनीकी जानकारी ली, बरेका की उत्पादन एवं डिजाइन क्षमताओं को देखा।
इन पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल में श्री शिवप्रगसेन नायडू, सुश्री मेसेला मैरी न्हालापो, श्री इवान प्रिन्स्लू, श्री मुनीश गुप्ता तथा श्री वॉन जोहान क्रिस्टियान इक शामिल थे। सर्वप्रथम मुख्य यांत्रिक इंजीनियर-उत्पादन एवं विपणन श्री सुनील कुमार ने प्रतिनिधि मंडल के बरेका आगमन पर स्वागत किया। तत्पश्चात् प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री सुशील कुमार श्रीवास्तव ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रतिनिधि मण्डल के साथ मुलाकात की।
तदोपरांत प्रतिनिधि मण्डल ने लोको निर्माण की सुविधाओं एवं क्षमताओं का जायजा लेने हेतु कारखाना भ्रमण किया। इस दौरान सर्वप्रथम लाईट मशीन शॉप, सब असेम्बली शॉप, इंजन इरेक्शन शॉप, इंजन टेस्ट शॉप, लोको फ्रेम शॉप, लोको असेम्बली शॉप, लोको टेस्ट शॉप, न्यू ब्लॉक शॉप सहित विभिन्न शापों का दौरा किया एवं लोको निर्माण के विभिन्न चरणों से अवगत हुए।
कारखाना भ्रमण के उपरांत पावर प्वांंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिनिधि मण्डल को बरेका की उत्पादन प्रक्रियाओं, निर्माण सुविधाओं और वर्तमान परियोजनाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गयी। उन्हें बरेका के इतिहास, मैन पावर दक्षता और लोकोमोटिव निर्माण में इसकी क्षमता के बारे में बताया गया। प्रतिनिधिमंडल बरेका में उपलब्ध डिजाइन क्षमताओं और निर्माण सुविधाओं से काफी प्रभावित दिखे। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री विवेक शील, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर-उत्पादन एवं विपणन श्री सुनील कुमार सहित काफी संख्या में बरेका अधिकारी उपस्थित थे।
राजेश कुमार
जन सम्पर्क अधिकारी
............... अहरौरा बांध से प्रातः 7बजे तीन गेट से छोड़ा जा रहा पानी बांध मे डोंगिया जलाशय से लगातार हो रही वृद्धि दोपहर शाम तक और भी गेट खोलने की आशंका अहरौरा चकिया मार्ग पर आवागमन बाधित लगातार 10दिनों से इस मार्ग पर गड़ाई नदी उफान पर होने से आवागमन बाधित गड़ाई नदी मदापुर पुल पर चल रहा ऊपर से 5फिट पानी मामला अहरौरा बांध का
................. अहरौरा बांध से प्रातः 7बजे चार गेट से छोड़ा जा रहा पानी बांध मे डोंगिया जलाशय से लगातार हो रही वृद्धि दोपहर शाम तक और भी गेट खोलने की आशंका अहरौरा चकिया मार्ग पर आवागमन बाधित लगातार 10दिनों से इस मार्ग पर गड़ाई नदी उफान पर होने से आवागमन बाधित गड़ाई नदी मदापुर पुल पर चल रहा ऊपर से 5फिट पानी मामला अहरौरा बांध का
................. मुख्यमंत्री ने सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के स्थान पर उ0प्र0 में नया कानून लागू किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया सोसाइटी के रूप में पंजीकृत संस्थाओं के पंजीकरण, नवीनीकरण तथा उनकी संपत्तियों के पारदर्शी प्रबन्धन को सुदृढ़ करने के लिए युगानुकूल और व्यावहारिक प्राविधान किए जाने चाहिए : मुख्यमंत्री कुत्सित मानसिकता के चलते संस्थाओं की सम्पत्तियों की मनमानी बिक्री रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन की ओर से संस्थाओं के आन्तरिक कामकाज में न्यूनतम हस्तक्षेप होना चाहिए लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के स्थान पर उत्तर प्रदेश में नया कानून लागू किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोसाइटी के रूप में पंजीकृत संस्थाओं के पंजीकरण, नवीनीकरण तथा उनकी संपत्तियों के पारदर्शी प्रबन्धन को सुदृढ़ करने के लिए युगानुकूल और व्यावहारिक प्राविधान किए जाने चाहिए। वर्तमान अधिनियम में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने, निष्क्रिय अथवा संदिग्ध संस्थाओं के निरस्तीकरण व विघटन, सम्पत्ति के सुरक्षित प्रबन्धन, सदस्यता, प्रबन्धन और चुनाव सम्बन्धी विवादों के समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट प्राविधानों का अभाव है। इसी प्रकार, वित्तीय अनुशासन के लिए ऑडिट, निधियों के दुरुपयोग पर नियन्त्रण से सम्बन्धित पर्याप्त नियम नहीं हैं। ऐसे में आवश्यक है कि व्यावहारिकता का ध्यान रखते हुए युगानुकूल सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधनियम में ऐसे प्राविधान किए जाने चाहिए, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और सदस्य हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। ट्रस्ट हो या सोसाइटी, कुछ लोगों की कुत्सित मानसिकता के चलते संस्थाओं की सम्पत्तियों की मनमानी बिक्री रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए। विवाद की स्थिति में प्रशासक नियुक्त किये जाने को अनुपयुक्त बताते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी संस्था कैसे संचालित होगी, यह प्रबन्ध समिति ही तय करे। सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन की ओर से संस्थाओं के आन्तरिक कामकाज में न्यूनतम हस्तक्षेप होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग आठ लाख से अधिक संस्थाएं पंजीकृत हैं, जिनकी गतिविधियां शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता, ग्रामीण विकास, उद्योग, खेल आदि अनेक क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। इसलिए उनके संचालन, सदस्यता, चुनाव और वित्तीय अनुशासन से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करना आवश्यक है। निष्क्रिय अथवा संदिग्ध संस्थाओं के विघटन, निरस्तीकरण और सम्पत्ति के सुरक्षित प्रबन्धन के लिए अधिनियम में ठोस प्राविधान होना चाहिए। सदस्यता विवाद, प्रबन्धन समिति में मतभेद, वित्तीय अनियमितताओं तथा चुनाव सम्बन्धी विवादों के त्वरित व समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था की जानी उचित होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन, के0वाई0सी0 आधारित और समयबद्ध होनी चाहिए। वित्तीय लेन-देन की जवाबदेही तथा लेखा-परीक्षा की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। नए कानून को यथाशीघ्र तैयार करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी आवश्यक प्राविधान इस प्रकार तैयार किए जाएं, जिससे प्रदेश की पंजीकृत संस्थाएं समाजोपयोगी कार्यों को और प्रभावी ढंग से सम्पादित कर सकें तथा पारदर्शिता और सुशासन की भावना को आगे बढ़ा सकें।
2023 © DL NEWS. All Rights Reserved.