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हाइकोर्ट के आदेश की खुलेआम उड़ाई जा रही है धज्जियां,बता

मीरजापुर।

हाइकोर्ट के आदेश की खुलेआम उड़ाई जा रही है धज्जियां,बता दें कि कटरा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मुकेरी बाजार में वहां के सब्जी विक्रेताओं के द्वारा ठेला लगाकर व वहां के स्थानीय दुकानदारों के द्वारा अपने दुकान के आगे तक बढ़ कर दुकान लगाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे आम जनमानस को आने जाने में होती है भारी दिक्कत, जबकि हाइकोर्ट के द्वारा अपने आदेश में साफ़ तौर पर कटरा पुलिस को आदेश जारी करते हुए अपने आदेश में कहा है कि किसी भी प्रकार से मुकेरी बाजार में किसी भी दुकानदार के द्वारा अतिक्रमण न करने दिया जाए, वहीं दुकानदारों पर कोर्ट के आदेश का नहीं दिख रहा किसी प्रकार का कोई भी असर, कुछ माह पहले पूर्व में मुकेरी बाजार के चौकी इंचार्ज रहे बुद्धि सागर यादव से भी उनके द्वारा अतिक्रमण हटाने को लेकर वहां के दुकानदारों ने की थी अभद्रता, प्रदेश सरकार की पहल पर अतिक्रमण मुक्त अभियान पर पलीता लगाते दुकानदार, प्रशासन मौन।

................. यूपी में 6.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.93 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध - योगी सरकार ने जारी किये गुरुवार तक की फर्टिलाइजर उपलब्धता के आंकड़े - 3.02 लाख मीट्रिक टन एनपीके खाद भी प्रदेश के किसानों के लिए है मौजूद - प्रयागराज मंडल में सर्वाधिक 52,395 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध - यूरिया का वास्तविक मूल्य 2174 रुपये प्रति बैग, सब्सिडी के चलते किसानों को 266.50 रुपये में हो रहा उपलब्ध - समय से खाद, बीज और सिंचाई सुविधाओं के कारण प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 737 लाख मीट्रिक टन पहुंचा - पिछले साल की तुलना में इस बार रबी क्षेत्रफल में 4 लाख हेक्टेयर की वृद्धि का लक्ष्य लखनऊ, 21 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी खाद-उर्वरकों की कमी नहीं है। सभी मंडलों में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता है और किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निरंतर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर कड़ा रुख अपनाया है। कृषि विभाग ने मंडलवार खाद की उपलब्धता के ताजा आंकड़े जारी किए हैं। प्रदेश में खाद की स्थिति कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश में कुल 6.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.93 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.02 लाख मीट्रिक टन एनपीके की उपलब्धता है। इसका अर्थ है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों के लिए खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। मुख्यमंत्री योगी ने किसानों से अपील की है कि वे खाद का अनावश्यक भंडारण न करें। जितनी जरूरत हो, उतनी ही मात्रा में खाद लें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और समय-समय पर खाद की उपलब्धता व वितरण पर नजर रख रही है। किसानों को मिल रहा सब्सिडी का लाभ बता दें कि योगी सरकार किसानों के हित में लगातार कदम उठा रही है। यूरिया का वास्तविक मूल्य 2,174 रुपये प्रति बैग है, लेकिन सब्सिडी के चलते यह किसानों को मात्र 266.50 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। समय से खाद, बीज और सिंचाई सुविधाओं की वजह से प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 737 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है। कृषि क्षेत्र से जुड़ा जीएसवीए, जो सपा शासन के दौरान 2 लाख करोड़ रुपये था, अब बढ़कर 7 लाख करोड़ रुपये हो गया है। खाद की कालाबाजारी करने वालों पर हो रही लगातार कार्रवाई खरीफ 2024-25 में अब तक 32.07 लाख मीट्रिक टन खाद की बिक्री हुई है, जो पिछले वर्ष से 4.5 लाख मीट्रिक टन अधिक है। रबी 2025-26 सीजन के लिए सरकार ने 138.78 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4 लाख हेक्टेयर अधिक है। किसानों को 10 लाख क्विंटल अनुदानित बीज और लगभग 12.80 लाख मिनी किट उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि गन्ना किसानों को दलहन-तिलहन की बोआई के लिए नि:शुल्क बीज दिए जाएंगे। सीमावर्ती जनपदों में खाद-यूरिया की तस्करी रोकने के लिए चौकसी बढ़ाई गई है और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा तस्करी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति मीट्रिक टन में (को-ऑपरेटिव व प्राइवेट स्टॉक मिलाकर) मंडल - यूरिया - डीएपी - एनपीके सहारनपुर- 17195 - 6980 - 3062 मेरठ- 39104 - 16864 - 8625 आगरा- 47476 - 29917 - 21267 अलीगढ़- 30562 - 21151 - 16068 बरेली- 42938 - 20566 - 27914 मुरादाबाद- 50991 - 18057 - 29796 कानपुर- 47586 - 41946 - 32375 प्रयागराज- 52395 - 21479 - 25262 झांसी- 28090 - 26146 - 16367 चित्रकूट- 24891 - 10885 - 3802 वाराणसी- 44445 - 27120 - 14643 मीरजापुर- 15860 - 7448 - 3878 आजमगढ़- 37589 - 24160 - 9034 गोरखपुर- 32634 - 25601 - 15650 बस्ती- 12848 - 10322 - 4571 गोंडा- 17418 - 19934 - 8953 लखनऊ- 38920 - 37675 - 36488 अयोध्या- 23448 - 27616 - 24530 कुल- 604391 - 393867 - 302284

.................. उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के संयोजक प्रभात त्रिपाठी प्रशासनिक सलाहकार शेखर श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मुलाकात की पत्रकारों की पेंशन सहित तमाम मांगों का पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को दिया मुख्यमंत्री जी ने पत्रकारों की मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया पूर्व भाजपा सांसद शीशराम सिंह रवि ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की लखनऊ उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से आज देर शाम 5:20 से 5:35 तक उनके आवास पांच कालिदास मार्ग में पूर्व सांसद भाजपा श्री शीशराम सिंह रवि जी के नेतृत्व में चार सदस्य प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की पूर्व सांसद श्री शीशराम सिंह रवि जी ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया और उसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित के लोगों से परिचय कराया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की यह मुलाकात बहुत सौहार्द वातावरण में हुई उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने समिति की तरफ से प्रदेश के पत्रकारों की चल रही समस्याओं पर एक मांग पत्र माननीय मुख्यमंत्री जी योगी आदित्यनाथ जी को दिया जिसमें उत्तर प्रदेश के पत्रकारों के लिए कई मांग की गई है जिनमें प्रमुख मांग वरिष्ठ पत्रकारों की पेंशन शामिल है माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस पर शीघ्र विचार करने की बात कही इसके अलावा अन्य मांगे भी शामिल है जिसमें पत्रकार सुरक्षा गारंटी आयुष्मान कार्ड का फंड उपलब्ध कराना पीजीआई में रिवाल्विंग फंड उपलब्ध कराना और पत्रकारों के दिवंगत होने पर 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद देना जैसी मांगे शामिल है मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने मांग पत्र लेकर कहा कि हम जल्द से जल्द इन समस्याओं पर अधिकारियों से वार्ता कर इसे पूरा करने का प्रयास करेंगे समिति ने एक पत्र 11 सितंबर 2025 को राजधानी लखनऊ में हो रहे प्रथम स्थापना दिवस के कार्यक्रम मैं आने का निमंत्रण पत्र भी मुख्यमंत्री को दिया मुलाकात के समय पूर्व सांसद शीशराम रवि जी के साथ उनके मित्र बलराम सिंह पूर्व ब्लॉक प्रमुख ठाकुरद्वारा मुरादाबाद व समिति के प्रशासनिक सलाहकार शेखर श्रीवास्तव समिति के जुझारू सदस्य उमाकांत वाजपेई भी मौजूद थे मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द अपने अधिकारियों से बात करके जल्द से जल्द पत्रकारों की समस्याओं के लिए कार्य करेंगे मुख्यमंत्री जी को पुनर्गठित समिति की तरफ से एक प्रतीक चिन्ह राधा कृष्ण भी भेंट की गई

.................. [15:17, 22/8/2025] H Papa Ji: अल्प और मध्यम आय वर्ग के लोगों को योगी सरकार का तोहफा गोरखपुर में दो और कल्याण मंडपम बनकर तैयार, शनिवार को सीएम योगी करेंगे लोकार्पण कल्याण मंडपम में जरूरतमंद परिवारों को मांगलिक कार्यक्रमों के लिए मिलेंगी मैरिज हाउस जैसी सुविधाएं मुख्यमंत्री की विधायक निधि से हुआ है मानबेला में कल्याण मंडपम का निर्माण गोरखपुर, 22 अगस्त। अल्प और मध्यम आय वर्ग के लोगों के मांगलिक कार्यक्रमों को उनके बजट के अनुरूप शानदार बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो साल पहले कल्याण मंडपम का विजन दिया था। गोरखपुर शहर में अब तक मुख्यमंत्री के हाथों दो कल्याण मंडपम का लोकार्पण हो चुका है। नागरिकों को दो नए बने कल्याण मंडपम की भी सौगात मिलने जा रही है। मानबेला और राप्तीनगर विस्तार में बने इन दो कल्याण मंडपम का लोकार्पण शनिवार (23 अगस्त) को सीएम योगी करेंगे। कल्याण मंडपम में जरूरतमंद परिवारों को मांगलिक कार्यक्रमों के लिए मैरिज हाउस जैसी सुविधाएं मिलेंगी। मानबेला में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बाबा गंभीरनाथ नगर वार्ड के मानबेला में 1500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल में कल्याण मंडपम (कन्वेंशन सेंटर) का निर्माण कराया है। इसका निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विधायक निधि से कराया गया है। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन बताते हैं कि मानबेला के कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 10 जून 2024 से प्रारंभ हुआ था और इसे तय समय सीमा से पूर्व ही तैयार कर लिया गया। तो तलों में निर्मित इसके भवन पर 2 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत आई है। मानबेला के कल्याण मंडपम में 250 व्यक्तियों के विभिन्न कार्यक्रमों (विवाह, सामाजिक उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामूहिक उत्सव आदि) का आयोजन किया जा सकता है। कल्याण मंडपम में एक बड़े हाल के साथ किचन, स्टोर, चेंजिंग रूम तथा दोनों तलों पर महिलाओं एवं पुरुषों हेतु अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा राप्तीनगर विस्तार क्षेत्र के टोला पीरू शहीद में भी 450 वर्गमीटर भूमि पर जीडीए ने करीब 85 लाख रुपये की लागत से एक अन्य कन्वेंशन सेंटर (कल्याण मंडपम) का निर्माण प्राधिकरण निधि से किया गया है। यह कल्याण मंडपम भी दो तलों में निर्मित है जिसमें 125 व्यक्तियों के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हो सकते हैं। इसमें भूतल पर एक बड़ा मल्टीपर्पज हाल, महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय, प्रथम तल पर दो रूम, बरामदा और ओपन टैरेस भी है। [15:17, 22/8/2025] H Papa Ji: आवारा कुत्तों को सड़क पर खाना खिलाने की अनुमति नहीं, जानें सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 10 बड़ी बातें नई दिल्लीः आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त के आदेश में संशोधन किया है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को कहा कि आवारा कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ दिया जाएगा, सिवाय उन कुत्तों के जो रेबीज से संक्रमित हैं या आक्रामक व्यवहार दिखा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त के उस निर्देश पर रोक लगा दी है जिसमें कहा गया था कि जिन आवारा कुत्तों को पकड़ा गया है, उन्हें छोड़ा नहीं जाना चाहिए। जिन कुत्तों को पकड़ा गया है, उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद ही छोड़ा जाना चाहिए, सिवाय उन कुत्तों के जो रेबीज से संक्रमित हैं या आक्रामक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कुत्तों को सार्वजनिक रूप से खाना खिलाने की अनुमति नहीं होगी और आवारा कुत्तों के लिए अलग से खाने के लिए स्थान निर्धारित किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस तरह खुलेआम कुत्तों को खाना खिलाने की वजह से कई घटनाएं हुई हैं। आइए जानते हैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 10 बड़ी बातें... 1. आवारा कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ दिया जाएगा, सिवाय उन कुत्तों के जो रेबीज से संक्रमित हैं या आक्रामक व्यवहार दिखा रहे हैं। 2. कुत्तों को सड़कों पर खाने खिलाने की अनुमति नहीं होगी। 3.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाते पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनी ढांचे के तहत कार्रवाई की जाएगी। 4. नगरपालिका वार्डों में भोजन क्षेत्र बनाने चाहिए। किसी भी स्थिति में आवारा कुत्तों को भोजन देने की अनुमति नहीं है, यदि उल्लंघन किया जाता है तो कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। 5. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस तरह खुलेआम कुत्तों को खाना खिलाने की वजह से कई घटनाएं हुई हैं। 6. . कोर्ट ने आदेश दिया है कि यदि किसी लोक सेवक को अपना कर्तव्य निभाने से रोका जाता है, तो वह इसके लिए उत्तरदायी होगा। 7. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पशु प्रेमी कुत्तों को गोद लेने के लिए एमसीडी के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। 8. आवारा कुत्तों को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी। 9. अदालत ने इस मामले में सभी राज्यों को शामिल किया है। सभी राज्यों की सभी अदालतों में लंबित कुत्तों से संबंधित सभी मामलों को एक ही अदालत में लाया जाएगा। 10. कोई भी व्यक्ति या संगठन उपरोक्त निर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन में बाधा उत्पन्न नहीं करेगा। यदि किसी लोक सेवक को बाधा पहुंचाई जाती है, तो नियमों का उल्लंघन करने वाले पर मुकदमा चलाया जाएगा।

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