वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर “सोमेन बर्मा” द्वारा अपर जिलाधिकारी के साथ ईद-उल-फितर की नमाज को सकुशल व शान्तिपूर्ण सम्पन्न कराने के दृष्टिगत पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी/कर्मचारीगण के साथ जनपद नगर के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने हेतु भ्रमण कर सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी को दिया गया आवश्यक दिशा-निर्देश । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा बल के साथ ईद-उल-फितर की नमाज को सकुशल व शान्तिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराया जा रहा है ।
.............. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस: कौन होगा पार्टी का अगला चेहरा दिल्ली बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस: कौन होगा पार्टी का अगला चेहरा ? दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं जोरों पर हैं। वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, पार्टी के भीतर नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस दौड़ में निर्मला सीतारमण, मनोहर लाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान और भूपेंद्र यादव जैसे प्रमुख नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। कौन रेस में आगे है, क्यों रेस में आगे है, राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने कौनसी वो कसौठी है, जिस पर खरा उतरना जरूरी है। जानिए… Contents प्रमुख दावेदार और उनके पक्ष में कारक 1. धर्मेंद्र प्रधान: भाजपा अध्यक्ष की रेस में धर्मेंद्र प्रधान क्यों सबसे प्रबल दावेदार? संघ और संगठन में गहरी पकड़ पूर्वी भारत से मजबूत प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के करीबी चुनावी प्रबंधन और संगठन कौशल युवाओं और ओबीसी वर्ग में प्रभाव केंद्र और राज्यों में अनुभव विवादों से दूर और साफ छवि 2. भूपेंद्र यादव: 3. शिवराज सिंह चौहान: 4. मनोहर लाल खट्टर: 5. निर्मला सीतारमण: पीएम मोदी और मोहन भागवत की मुलाकात: क्या हुआ निर्णय? प्रमुख दावेदार और उनके पक्ष में कारक 1. धर्मेंद्र प्रधान: भाजपा अध्यक्ष की रेस में धर्मेंद्र प्रधान क्यों सबसे प्रबल दावेदार? केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम इस रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। ओडिशा से आने वाले प्रधान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। उनकी संगठनात्मक क्षमता और आदिवासी समुदाय में प्रभावशीलता उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। संघ और संगठन में गहरी पकड़ धर्मेंद्र प्रधान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के करीबी माने जाते हैं। भाजपा नेतृत्व के चुनाव में संघ की भूमिका अहम होती है, और प्रधान का संगठन में लंबा अनुभव उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। वह पहले भी पार्टी के संगठनात्मक मामलों में सक्रिय रहे हैं और भाजपा महासचिव के तौर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। पूर्वी भारत से मजबूत प्रतिनिधित्व भाजपा को आगामी लोकसभा चुनावों में पूर्वी भारत, विशेष रूप से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करनी है। ओडिशा से आने वाले धर्मेंद्र प्रधान इस रणनीति के लिए फिट बैठते हैं। भाजपा लंबे समय से इस क्षेत्र में विस्तार की कोशिश कर रही है, और एक ओडिशा मूल के नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना इस रणनीति का हिस्सा हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के करीबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ धर्मेंद्र प्रधान के घनिष्ठ संबंध हैं। वे मोदी सरकार में विभिन्न मंत्रालयों में जिम्मेदारी निभा चुके हैं और हर बार उन्हें अहम मंत्रालय सौंपे गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि शीर्ष नेतृत्व उन पर भरोसा करता है। चुनावी प्रबंधन और संगठन कौशल प्रधान ने कई महत्वपूर्ण चुनावों में भाजपा के लिए चुनावी प्रबंधन का कार्य किया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश और बिहार में भाजपा की रणनीति बनाने में उनकी भूमिका अहम रही थी। इसके अलावा, उन्होंने कर्नाटक और झारखंड जैसे राज्यों में भी संगठन को मजबूत करने का काम किया है। युवाओं और ओबीसी वर्ग में प्रभाव प्रधान ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय से आते हैं, जो भाजपा की बड़ी वोट बैंक रणनीति का हिस्सा है। भाजपा ने पिछले कुछ वर्षों में ओबीसी नेताओं को प्रमुख पदों पर बिठाने की नीति अपनाई है, और इस संदर्भ में प्रधान एक मजबूत चेहरा हो सकते हैं। इसके अलावा, वह युवा मतदाताओं में भी अच्छी पकड़ रखते हैं, क्योंकि वह शिक्षा मंत्रालय संभाल चुके हैं और नई शिक्षा नीति (NEP) जैसी योजनाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। केंद्र और राज्यों में अनुभव प्रधान को केंद्र सरकार में पेट्रोलियम मंत्री, कौशल विकास मंत्री और शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व करने का अनुभव है। इससे उनकी प्रशासनिक क्षमता और नीतिगत निर्णय लेने की दक्षता सिद्ध होती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे गुण महत्वपूर्ण होते हैं। विवादों से दूर और साफ छवि प्रधान की अब तक की राजनीति विवादों से दूर रही है। वे एक शांत और संतुलित नेता माने जाते हैं, जो पार्टी के सभी धड़ों में स्वीकार्य हैं। भाजपा के लिए यह भी एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है। 2. भूपेंद्र यादव: राजस्थान से आने वाले केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की शांत और रणनीतिक शैली उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाती है। वह पार्टी के महासचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं और संगठनात्मक मामलों में उनकी गहरी पकड़ है। पिछले संगठनात्मक चुनावों में भी उनका नाम चर्चा में था, लेकिन अंततः जे.पी. नड्डा को अध्यक्ष चुना गया था। 3. शिवराज सिंह चौहान: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस दौड़ में शामिल हैं। उनका जमीनी अनुभव, लोकप्रियता और संगठन पर मजबूत पकड़ उन्हें एक प्रमुख दावेदार बनाती है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके कृषि मंत्रालय के कुछ फैसले संघ की विचारधारा से मेल नहीं खाते, जिससे उनकी दावेदारी पर प्रश्नचिह्न लग सकता है। 4. मनोहर लाल खट्टर: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की पंजाबी जड़ें और संघ से नाता उनके पक्ष में काम कर सकते हैं। उनकी प्रशासनिक क्षमता और संगठनात्मक अनुभव उन्हें इस पद के लिए योग्य बनाते हैं। 5. निर्मला सीतारमण: वर्तमान में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। हालांकि, उनकी मुख्य भूमिका वित्त मंत्रालय में होने के कारण, पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता अपेक्षाकृत कम रही है, जिससे उनकी दावेदारी कमजोर मानी जा सकती है। पीएम मोदी और मोहन भागवत की मुलाकात: क्या हुआ निर्णय? हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से नागपुर में मुलाकात की है। ऐसी बैठकों में संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होना सामान्य है, और संभव है कि भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर भी विचार-विमर्श हुआ हो। हालांकि, जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना कठिन है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में कई कारकों की भूमिका होगी, जैसे संगठनात्मक अनुभव, संघ से संबंध, क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावों की रणनीति। धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव जैसे नेता इस दौड़ में आगे नजर आ रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और संघ के परामर्श से लिया जाएगा।
......... जिला मिर्जापुर के हलिया खंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वर्ष प्रतिपदा उत्सव वह पथ संचलन कार्यक्रम को विभाग कार्यवाह विंध्याचल आदरणीय सच्चिदानंद जी भाई साहब के उद्बोधन व जिला शारीरिक प्रमुख श्रीमान मनोज जी एवं खंड प्रचारक धर्मेंद्र जी तथा खंड कार्यवाह तारकेश्वर जी के मार्गदर्शन में सकुशल संपन्न हुआ पथ संचलन हनुमान मंदिर परिसर से हलिया बाजार के गलियों तक संघ के गीत व भारत माता की जय घोष के साथ आम जनमानस पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवको का स्वागत किया जिसमें खंड संघ चालक माननीय हरिश्चंद्र सोनी जी गौ सेवा प्रमुख शिवेंद्र जी समरसता प्रमुख सुरेश जी मंडल कार्यवाह शिवा ग्रहरी प्राचार्य बसंत जी ग्राम प्रधान कौशलेंद्र गुप्ता देवहट ग्राम प्रधान शिव गोविंद चौरसिया प्रधान प्रतिनिधि विनोद गुप्ता श्याम जन्म दुबे भैंसोड़ बलाय पहाड़ भाजपा जिला उपाध्यक्ष विपुल सिंह पंकज सिंह चंदेल जिला कोषाध्यक्ष युवा मोर्चा भाजपा धीरज केसरी राजेश सिंह बैधा लवलेश अग्रहरि वि हि प डॉक्टर राजकुमार पटेल धर्मेंद्र दुबे अंशु मिश्रा संजय सिंह अरुण सिंह राम जी केसरी अनिल केसरी आशीष उर्फ गुड्डू चतुर्भुज अंकित मनीष सोनी सुशील विकास रवि चौरसिया संदीप सरोज अमरीश लाल दीपक अग्रहरि नीरज अग्रहरि ताराचंद्र अग्रहरि प्रमोद पांडे संतोष सिंह प्रवीण कुमार उर्फ पिंटू केसरी मुख्य शिक्षक मनोज केसरी इत्यादि के साथ हलिया ब्लाक के दोनों मंडल के अध्यक्ष दिनेश अग्रहरि व मिथिलेश सिंह उपस्थित रहे अंत में उपस्थित सभी स्वयंसेवक बंधुओं को नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं कर कार्यक्रम की समापन की गई
........ ब्रेकिंग न्यूज मिर्जापुर: लालगंज थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा लालगंज थाना क्षेत्र के बस्तरा फ्लाईओवर के पास दर्शनार्थियों से भरी मैजिक पलट गई। इस हादसे में आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं, जिनमें कुछ की हालत गम्भीर बताई जा रही है। स्थानीय सीएससी द्वारा घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए भेजा गया। जानकारी के अनुसार, ये दर्शनार्थी कानपूर से गड़बड़ा धाम दर्शन करने आए थे और लौटते समय यह दुर्घटना घटी। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर मौजूद हैं और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
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