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पूरे मंत्रिमंडल के साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे सीएम योगी

पूरे मंत्रिमंडल के साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे सीएम योगी

कैबिनेट बैठक के बाद त्रिवेणी संगम की पावन धारा में पूरे मंत्रिमंडल के साथ करेंगे स्नान

श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के लिए बदला बैठक का स्थान

मेला प्राधिकरण के बजाय अरैल के त्रिवेणी संकुल में बुधवार को आयोजित होगी बैठक

2019 कुम्भ में भी सीएम योगी ने पूरी कैबिनेट के साथ लगाई थी संगम में आस्था की डुबकी

महाकुम्भ नगर, 21 जनवरी। प्रयागराज महाकुम्भ में बुधवार 22 जनवरी को योगी सरकार की कैबिनेट बैठक हो रही है। इस बैठक में योगी सरकार के सभी 54 मंत्रियों को बुलाया गया है। इस बैठक में प्रदेश को कई सौगात देने वाली योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे मंत्रिमंडल के साथ त्रिवेणी संगम की पावन धारा में डुबकी भी लगाएंगे। इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2019 कुम्भ मेले में भी अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ संगम में डुबकी लगाई थी। तब मुख्यमंत्री के साथ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और अन्य साधु संतों ने भी संगम में स्नान किया था। 

12 बजे शुरू होगी बैठक
महाकुम्भ में योगी सरकार की बैठक में शामिल होने के लिए यूपी सरकार के सभी 54 मंत्रियों को बुलाया गया है। यह बैठक अरैल के त्रिवेणी संकुल में दोपहर 12 बजे शुरू होगी। संगम में स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, इसके लिए अरैल में बैठक करने का फैसला लिया गया है। पहले ये बैठक मेला प्राधिकरण के सभागार में होनी थी, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बाद में बैठक का स्थान बदल दिया गया। क्योंकि अगर मेला प्राधिकरण के सभागार में मंत्रियों की बैठक की जाती है तो वीआईपी सुरक्षा के चलते श्रद्धालुओं को दिक्कत हो सकती थी। 

सभी मंत्री करेंगे विधिवत पूजन
बैठक के बाद सभी मंत्री अरैल वीआईपी घाट से मोटर बोट के जरिए संगम जाएंगे। यहां सीएम योगी समेत सभी मंत्री विधिवत पूजन करेंगे। इसके बाद संगम तट पर बनी जेटी के जरिये त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाएंगे। जानकारी के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्रदेव सिंह, बेबी रानी मौर्य, जयवीर सिंह, लक्ष्मी नारायण चौधरी, धर्मपाल, नंदगोपाल नंदी और अनिल राजभर सहित सभी 21 मंत्री और बाकी स्वतंत्र प्रभार वाले और राज्यमंत्री सहित कुल 54 मंत्री कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद विधिवत संगम में स्नान करेंगे।

.............. SGPGI में 24 डॉक्टरों ने छोड़ा संस्थान, फैकल्टी फोरम नाराज, कहा- निदेशक ने अपने कार्यकाल में नहीं सुनी हमारी बात. संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान से बीते 4 सालों में करीब 24 डॉक्टरों ने संस्थान को छोड़ दिया है. वहीं साल 2020 से कई सीनियर प्रोफेसर के एसीआर को लेकर भी संस्थान प्रशासन उदासीन रवैया अपना रहा है, इसमें संस्थान के निदेशक प्रो. आर के धीमन की भूमिका अहम है. यह कहना है एसजीपीजीआई के फैकल्टी फोरम के प्रेसिडेंट प्रो. अमिताभ आर्या का. वह मंगलवार को SGPGI फैकल्टी फोरम की तरफ से पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान एसजीपीजीआई फैकल्टी फोरम के सेक्रेटरी प्रो. पुनीत गोयल ने भी संकाय सदस्यों की समस्या को उठाते हुए कई आरोप लगाए हैं. फैकल्टी फोरम की तरफ से 16 जनवरी 2024 को आम सभा की बैठक (General Body Meeting) की गई थी. जिसमें निदेशक डॉ. आरके धीमन (Present Director) पर प्रशासनिक उदासीनता और शिक्षकों के कार्यों की अनदेखी करने जैसे तमाम आरोप लगे. प्रो. अमिताभ आर्या ने बताया कि बीते चार साल से यहां प्रोफेसर की गोपनीय रिपोर्ट की समीक्षा नहीं हुई है. उसे समय पर शासन में नहीं भेजा गया है. संकाय सदस्यों के प्रदर्शन की समीक्षा करना और संकाय पदोन्नति के लिए समय पर साक्षात्कार आयोजित करने का काम भी नहीं किया गया. संकाय सदस्यों को गैर-उत्पादक कार्यों में लगाना, जिसके कारण रोगी की देखभाल, शिक्षण प्रशिक्षण और अनुसंधान के कार्यों में बाधा पड़ना शामिल हैं. इसके अलावा कई अन्य कारण भी रहे जिसके चलते संस्थान छोड़कर डॉक्टर जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश में आकर्षक वेतन संरचना वाले नए निजी/कॉर्पोरेट अस्पताल बढ़ रहे हैं, इसलिए संकाय सदस्यों से उनकी प्रतिक्रिया सुनना और उन्हें समय पर उनके जरूरी मांगे और भत्ते स्वीकृत करना बहुत महत्वपूर्ण है. ताकि उन्हें संस्थान में बरकरार रखा जा सके। उन्होंने बताया कि निदेशक ने संस्थान में वीआईपी कल्चर को भी बढ़ावा दिया है, वे उन्हीं लोगों की बात सुनते हैं, जो उनके लिए मायने रखते हैं. फैकल्टी फोरम की तरफ से यह भी कहा गया है कि डॉ. धीमन का कार्यकाल फरवरी माह में समाप्त हो रहा है. ऐसे में संस्थान के सीनियर फैकल्टी को बतौर निदेशक काम करने का मौका मिलना चाहिए. जिससे मरीजों और संस्थान दोनों को लाभ मिल सके. संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने फैकल्टी फोरम की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि मेरे कार्यकाल में केवल 4 डॉक्टरों ने संस्थान छोड़ा है. 24 डॉक्टरों के संस्थान छोड़ने की बात पूरी तरह से निराधार है. उन्होंने कहा है कि यदि फैकल्टी फोरम इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों के संस्थान छोड़ने की बात कह रहा है, तो उसकी लिस्ट जारी करे...

............ #बहादुर इंस्पेक्टर सुनील कुमार के लिए दुआएं करने की अपील..

.............. #प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान डीजीपी प्रशांत कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कैबिनेट बैठक से पहले उन्होंने संगम घाटों का निरीक्षण किया। डीजीपी ने अधिकारियों को सुरक्षा प्रबंधों को लेकर निर्देश दिए। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल के साथ संगम में स्नान करेंगे।

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