मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना व संचालन हेतु जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक सम्पन्न
मीरजापुर 26 सितम्बर 2024- जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश के अनुपालन में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना व संचालन हेतु जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि बारिश के मौसम में कोई भी गोवंश कीचड़ में न रहे पर्याप्त खाली जगह की व्यवस्था की जाए कच्ची जमीनों व शेडो व पेड़ों के नीचे खड़ंजे लगाया जाए गोवंश भीगने नहीं न पाए इसके लिए शेड की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहां कि जहां पानी लगता हो वहां पर राविश डालकर ऊंचा कराया जाए। उन्होंने कहा कि मृत गोवंश की सुरक्षित एवं सम्मान पूर्वक निस्तारण किया जाए पकड़े जा रहे गोवंश को आश्रय स्थल तक पहुंचाने के साथ ही कोई भी गोवंश भूख न रहे। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जनपद के कृषि/अन्य संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर हरे चारे नेपियर घास उगाने हेतु अभियान चलाएं। गौ आश्रय स्थलों को चारागाह से जोड़ एवं जहां पर विद्युत व्यवस्था न हो वहां सौर ऊर्जा द्वारा रोशनी की व्यवस्था की जाए। गौ आश्रय स्थलों को स्वावलंबी बनाने के क्रम में गोबर का निस्तारण तथा वर्मी कंपोस्ट, मूर्ति व दिये बनवाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह की 03 तारीख के पश्चात भरण पोषण हेतु फंड रिक्वेस्ट अपलोड किया जाए। गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के भरण पोषण में आ रही वित्तीय समस्या तथा व्यय एवं उपलब्ध वित्त पोषण के मध्य प्रतिपशु प्रतिदिन के आ रहे गए व्यय प्रतिपूर्ति हेतु एस0एफ0सी0 पूलिंग की व्यवस्था की जाए। बृहद गो संरक्षण केंद्र जंगल मोहाल का संचालन कार्यदायी संस्था का अनुबंध जो माह सितंबर 2024 में समाप्त हो रहा है बढ़ाया जाए इसी तरह अन्य गो संरक्षण केन्द्रो का संचालन स्वयं सेवी संस्थाओं से कराया जाए। उन्होंने कहा कि 50 पशु पर एक शेड बनाया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सड़को पर कोई भी पशु नहीं दिखाई देने चाहिए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में 45 अतिरिक्त शेड आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भूसे का स्टाक कम से कम 07 दिनों तक का रखा जाए दवाइयों की उपलब्धता तथा उसका स्टाक बुक मेंटेन रखा जाए। संरक्षण प्रतिशत किया जाए प्रत्येक विकासखंड में चारागाह विकसित किया जाए। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ राजेश कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
.................. निम्नलिखित उप-निरीक्षक/मुख्य आरक्षी/आरक्षी नागरिक पुलिस को अपने-अपने पदेन दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता एवं लापरवाही बरतने सम्बन्धित गंभीर आरोपों के संज्ञान में आने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर विभागीय जांच आसन्न की गई है — 1.उप-निरीक्षक लल्लू राम पाल थाना को0देहात, मीरजापुर । 2.मुख्य आरक्षी-कृष्ण कुमार सिंह, पुलिस चौकी मण्डी थाना को0कटरा, मीरजापुर । 3.मुख्य आरक्षी-चन्दन सिंह, पुलिस चौकी नटवां थाना को0कटरा, मीरजापुर । 4.आरक्षी-अजय मौर्या, पुलिस चौकी नटवां थाना को0कटरा, मीरजापुर ।
................ अहरौरा। स्कॉर्पियो पलटी ,चार घायल। जरगो बांध से पिकनिक मना कर लौट रहे थे।
............. जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने किया जिला कारागार का निरीक्षण। जिला कारागार में बीमार कैदियों की सुविधा के दृष्टिगत डेंटल क्लीनिक कक्ष का किया उद्घाटन। मीरजापुर 27 सितम्बर 2024- मा0 जनपद न्यायाधीन श्री अनमोल पाल, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन व पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने संयुक्त रूप से अपरान्ह लगभग तीन बजे के आस पास जिला कारागार पहुंचकर आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कैदिया के विभिन्न बैरको की जांच के साथ ही बन्दियों से जेल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि जिन बन्दियों के पास न्यायालयों में पैरवी के लिए अधिवक्ता न हो वे जिला कारागार अधीक्षक के माध्यम से अवगत करा दे ताकि उन्हें शासकीय तौर पर अधिवक्ता दिलाया जा सकें। तत्पश्चात बन्दियों के लिए बन रहे नाश्ता/चाय का निरीक्षण कर भोजनालय कक्ष को भी देखा गया। कारागार के अस्पताल में बीमार बन्दियों से उनका कुशल छेम की जानकारी लेते हुए इलाज व दवाईयों के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी। महिला बैरक में महिला बन्दियों के साथ रह रही एक बच्ची को चाकलेट व गिफ्ट प्रदान किया गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कारागार अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे बन्दी जो पति पत्नी दोनो कारागार में निरूद्ध हो तथा उनके बच्चें जो 18 वर्ष आयु से कम हो बिना अभिभावक के घर पर है तथा ऐसे बन्दी जिनके पति या पत्नी में से किसी मृत्यु हुआ हो और दोनो में से कोई एक जीवित है किन्ही कारण से कारागार में निरूद्ध है उनकी सूची उपलब्ध करा दी जाए ताकि उनके बच्चों के पालन पेाषण व शिक्षा हेतु बाल सेवा योजना सामान्य के तहत लाभान्वित किया जा सकें ताकि उनका पालन पोषण व शिक्षा प्रभावित न हों। कारागार में बन्दियों के सुविधा के दृष्टिगत जनपद न्यायाधीश व जिलाधिकारी द्वारा डेंटल क्लीनिक कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया गया तथा एक्से रूम का भी निरीक्षण किया गया। जिला कारागार अधीक्षक ने बताया कि बन्दियों को दांत की समस्या होने पर इलाज में दिक्कत होती थी अब उन्हें इसके लिए उपचार की सुविधा कारागार में ही मुहैया हो सकेगी। इस अवसर पर कारागार अधीक्षक एस0के0 वर्मा, अपर जनपद न्यायधीश/सचिव विविध सेवा प्राधिकरण विनय कुमार आर्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा सिंह उपस्थित रहें।
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